लकड़ी मिट्टी के ढेर में बदल गई
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हिमाचल वन निगम के लकड़ी के डिपो में पिछले कई सालों से भंडार की गई सैकड़ों टन लकड़ी मिट्टी के ढेर में बदल गई है। इस लकड़ी को दीमक ने तबाह कर दिया है। ज्यादातर लकड़ी बारिश के कारण सड़ रही है। वन निगम की अनदेखी के चलते निगम को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। लोगों की मांग पर 2001 में जनहित में खोले गए लकड़ी के इस डिपो से स्थानीय लोग लकड़ी खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी करते थे, लेकिन रसोई गैस आने के बाद लोगों ने निगम से लकड़ी खरीदना बंद कर दिया है।
हैरानी की बात है कि वर्तमान में लकड़ी की रखवाली करने के लिए निगम ने एक चौकीदार भी रखा है, जिस पर भी साल में लाखों रुपये का खर्च हो रहे हैं। लोगों का मानना है कि अगर इस लकड़ी के डिपो का कोई औचित्य नहीं तो फिर क्यों बिना औचित्य का इस पर खर्च हो रहा है। उधर, वन निगम के डिपो प्रभारी रेंज ऑफिसर कल्याण सिंह ने बताया कि निगम हर महीने की 20 तारीख को लकड़ी की बोली लगाता है, लेकिन कोई भी खरीददार नहीं आता। लकड़ी की दुर्दशा के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जो भी आदेश उच्च अधिकारियों से मिलेंगे उनका पालन किया जाएगा।