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Himachal News: सीएम सुक्खू बोले- आपदा प्रभावितों की मदद को सरकार भाजपा के नेतृत्व में दिल्ली जाने को भी तैयार

Fri, 11 Jul 2025 05:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पांच लाख रुपये तक टेंडर अब ऑफलाइन हो सकेंगे। सड़कों की मरम्मत के लिए यह फैसला लिया गया है। वहीं, सीएम ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों की मदद को राज्य सरकार भाजपा के नेतृत्व में दिल्ली जाने को भी तैयार है। 
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू । - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों की मदद को राज्य सरकार भाजपा के नेतृत्व में दिल्ली जाने को भी तैयार है। प्रभावितों को वन भूमि पर भवन बनाने का अधिकार दिलाने के लिए भाजपा के सभी सातों सांसदों को आगे आना चाहिए। शुक्रवार दोपहर बाद मंडी जिले का दौरा कर शिमला लौटते ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों के लिए राहत पैकेज को लेकर प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में लाने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत के लिए पांच लाख रुपये तक के टेंडर ऑफलाइन करने का फैसला लिया गया है। प्रदेश को अभी तक 800 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। मैं प्रभावित क्षेत्रों में राजनीति करने नहीं गया था। केंद्र सरकार ने हिमाचल को इस आपदा के लिए कोई भी आर्थिक मदद नहीं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में वन भूमि बहुत अधिक है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिन लोगों के मकान नष्ट हो गए हैं, उन्हें दोबारा से बसाने के लिए वन भूमि पर भवन बनाए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार से मंजूरी लेना अनिवार्य है। वर्ष 2023 से अभी तक के आपदा प्रभावित परिवारों को घर बनाने के लिए वन भूमि मिलनी चाहिए। सरकारी भूमि हम देने को तैयार हैं, लेकिन यह बहुत दूर-दूर है, लोग वहां बसना नहीं चाहते। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के चलते इतना अधिक नुकसान न हो, इसके लिए सभी हितधारकों से चर्चा के बाद नीति बनाने का काम करेंगे। अब कानून बनाया है कि नदी-नालों से दूर ही निर्माण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं और प्रदेश के सातों सांसदों से अपील करते हुए कहा कि वह केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल का मामला उठाएं। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से वन भूमि का अधिकार मांगा जाना चाहिए। अगर हमारे साथ भाजपा सांसद नहीं चलना चाहते हैं तो हम उनकी अगुवाई में दिल्ली जाने को तैयार हैं। प्रभावितों की मदद के लिए भाजपा नेता चाहें तो अकेले ही चले जाएं लेकिन मदद जरूर दिलवाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सराज, नाचन और करसोग विधानसभा क्षेत्र में सड़कों को दुरुस्त करने के लिए काफी धनराशि की जरूरत है। अस्थायी तौर पर अधिकांश सड़कें खोल दी हैं। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सरकार जल्द आपदा राहत पैकेज लाने जा रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को कैबिनेट में प्रस्ताव लाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लापता लोगों के संदर्भ में जिला उपायुक्तों से रिपोर्ट मांगी है। लापता लोगों के मिलने की उम्मीद अब बहुत कम लग रही है।
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केंद्र से सिर्फ रुटीन पैसा आ रहा, विशेष मदद कोई नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा राहत के लिए केंद्र सरकार से कोई विशेष मदद नहीं मिली है। अन्य राज्यों की तरह रुटीन का पैसा ही हिमाचल को आ रहा है। फाइनेंस कमीशन हर राज्य के लिए यह राशि तय करता है। साल में दो बार जुलाई और दिसंबर में यह राशि जारी होती है। जब पहले प्रदेश में प्राकृतिक आपदा आई थी तब भी दिसंबर की 200 करोड़ की किस्त को जुलाई में एडवांस में दिया गया था। बीते साल कुल्लू जिले के समेज में हुई आपदा के लिए भी केंद्र सरकार ने कोई राहत राशि नहीं दी है। जल्द दिल्ली जाकर वह सभी मामलों पर केंद्र सरकार से बात करेंगे।
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