बिलासपुर के नौणी से भराड़ीघाट तक 18 किमी फोरलेन का काम जल्द शुरू होगा। काम शुरू करने के लिए एनएचएआई ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। मानसून के बाद काम शुरू करने की तैयारी है। 18 किमी फोरलेन की अनुमानित लागत करीब 1,244 करोड़ रुपये आंकी गई है। एनएचएआई ने 24 महीने के भीतर इसको तैयार करने का लक्ष्य रखा है। एनएचएआई शिमला-मटौर (कांगड़ा) फोरलेन का निर्माण करवा रही है। छह चरणों में काम पूरा किया जाएगा।
नौणी से भराड़ीघाट तक 18 किमी सड़क इसी का हिस्सा है। टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद एनएचएआई ने निर्माण कंपनी को काम जल्द शुरू करने को कहा है। फोरलेन पर इस हिस्से में कोई टनल का निर्माण नहीं किया जाएगा। शिमला मटौर फोरलेन प्रोजेक्ट एनएचएआई के हिमाचल में चल रहे प्रोजेक्ट में एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इस काम के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। फोरलेन बनने न केवल सैलानियों-आम लोगों बल्कि इससे अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। यातायात की बेहतर सुविधा मिलेगी। एनएचआई के मुताबिक जल्द प्रोजेक्ट को पूरा कर दिया जाएगा।
इसके बाद भराड़ीघाट से दसीहन और शालाघाट तक के लिए 12 किमी सड़क की टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फोरलेन के इस हिस्से में दो सुरंगों का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसमें 3.5 किलोमीटर और 350 मीटर की सुरंग प्रस्तावित है। एनएचएआई पहाड़ों की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरंग निर्माण पर जोर दे रहा है ताकि भविष्य में लैंडस्लाइड से बचा जा सके। सुरंग निर्माण से दूरी कम करने में भी मदद मिलेगी।
नौणी से भराड़ीघाट तक 18 किमी फोरलेन का काम मानसून के बाद शुरू किया जाएगा। काम शुरू होने के बाद इससे 24 महीनों में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है-
बीएस मीना, निदेशक एनएचएआई