सरकारी आदेशों की अवहेलना पर दस हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। 5 जून तक अलर्ट जारी रहेगा। गर्मी में जंगलों में आग की आशंका को देखते हुए यह आदेश वन परिक्षेत्र धर्मपुर, कमलाह, लडभड़ोल, उरला, जोगिंद्रनगर और टिक्कन के लिए जारी कर दिए हैं।
गर्मी के मौसम में वन संपदा को आग से बचाने के लिए अब जंगलों में ज्वलनशील पदार्थों पर भी वन मंडल जोगिंद्रनगर ने प्रतिबंध लगा दिया है। सरकारी आदेशों की अवहेलना पर दस हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। 5 जून तक अलर्ट जारी रहेगा। गर्मी में जंगलों में आग की आशंका को देखते हुए यह आदेश वन परिक्षेत्र धर्मपुर, कमलाह, लडभड़ोल, उरला, जोगिंद्रनगर और टिक्कन के लिए जारी कर दिए हैं। 40 अति संवेदनशील बीटों में धूम्रपान पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। जंगलों को आग के हवाले करने वालों पर आपराधिक मामले दर्ज करने की भी हिदायत वन परिक्षेत्र अधिकारी को दी है।
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जंगल में आग लगाना गैर जमानती श्रेणी में शामिल है। ऐसे में किसी ने भी बहुमूल्य संपदा को आग लगाने का प्रयास किया तो उनके खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। जंगलों में आग लगाने पर दो साल की सजा हो सकती है। वन मंडलाधिकारी राकेश कटोच ने बताया कि वनमंडल के सभी अधिकारियों से वर्चुअल बैठक कर दो टूक कहा है कि अगर बीट में कोई भी ज्वलनशील पदार्थ के साथ आवाजाही करता है तो उसके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए।