हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित अध्यापक पात्रता परीक्षा के दौरान टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल विषय में अभ्यर्थियों को तीन-तीन अंक कृपांक के रूप में दिए गए हैं। इतने अंक मिलने के बाद भी साढ़े 10 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से दिसंबर 2022 में हुई अध्यापक पात्रता परीक्षा में टीजीटी मेडिकल विषय के 6,146 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
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इनमें 5,648 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे थे, जबकि 498 अभ्यर्थी अनुपस्थित थे। इनमें 1,368 अभ्यर्थी ही पास हुए हैं, जबकि विषय में बोर्ड की ओर से तीन अंक कृपांक के रूप में दिए जाने के बाद भी 4,280 अभ्यर्थियों के हाथ असफलता लगी है। टीजीटी नॉन मेडिकल विषय में भी बोर्ड की ओर से तीन अंक ग्रेस मार्क्स के रूप में दिए गए हैं। इस दौरान 8,535 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें 7,880 अभ्यर्थी अपीयर हुए थे, जबकि 655 अभ्यर्थी अनुपस्थित थे।
इस दौरान तीन अंक कृपांक के रूप में मिलने के बाद भी 1,296 अभ्यर्थी ही पास हुए हैं। 6,584 अभ्यर्थियों के हाथ असफलता लगी है। उधर, स्कूल शिक्षा बोर्ड की सचिव डॉ. मधु चौधरी ने बताया कि अध्यापक पात्रता परीक्षा के घोषित परिणाम में टीजीटी मेडिकल व नॉन मेडिकल विषय में तीन-तीन अंक कृपांक के रूप में दिए गए हैं।