प्रदेश के बहुचर्चित 2100 करोड़ के इंडियन टेक्नोमैक घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी हरकत में आ गया है। ईडी ने घोटाले की जांच कर रही सीआईडी को पत्र लिखकर मामले से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। ईडी ने यह कवायद मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को देखते हुए शुरू की है।
सूत्रों का कहना है कि मामले में बैंकों से लिए लोन की रकम को अवैध रूप से विदेश में निवेश किया गया। चूंकि यह रकम चार हजार करोड़ से ज्यादा की बताई जा रही है, ऐसे में ईडी मनी लांड्रिंग के पहलू की जांच करना चाह रही है।
डीजीपी सीता राम मरडी ने ईडी की ओर से मामले से जुड़े दस्तावेज मांगने की पुष्टि की है। उधर, मामले में गिरफ्तार पूर्व आईएएस के बेटे विनय शर्मा को शनिवार को पांवटा साहिब स्थित कोर्ट में पेश किया गया।
कोर्ट ने सीआईडी को विनय की चार दिन की और रिमांड दे दी है। विनय से हुई पूछताछ के बाद यह बात सामने आई है कि मामले में सिर्फ कर चोरी ही नहीं, बल्कि जमीन की खरीद-फरोख्त में भी बड़ा घपला हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी सीआईडी विनोद कुमार धवन पांवटा पहुंच कर मामले की निगरानी कर रहे हैं।