शुरुआती वर्षों में तो कंपनी ने ईपीएफ राशि को संबंधित विभाग कार्यालय में जमा करवा, लेकिन कुछ वर्षों की ईपीएफ राशि मजदूरों से काटने के बावजूद दफ्तर में जमा नहीं कराई। वहीं, ईपीएफ राशि का कंपनी प्रबंधन ने लंबित राशि का कोई भुगतान ही नहीं किया, जिसका लिक्विडेटर चंडीगढ़ के समक्ष दावा पेश किया गया है।
उधर, कर्मचारी भविष्य निधि विभाग के इंफोर्समेंट ऑफिसर अशोक शर्मा ने कहा कि कंपनी के पास ईपीएफ की करीब 3.59 करोड़ की राशि लंबित है। विभाग की तरफ से ईपीएफ राशि को नियुक्त किए गए लिक्विडेटर के समक्ष दावा पेश किया गया है। अदालत में भी कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया।