सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग चाहता है कि अगर संपत्ति को कुर्क करने के बाद अगर नीलामी होती है तो उससे आयकर राशि की भी भरपाई की जाए।मामले के मुख्य आरोपी एवं कंपनी के एमडी राकेश शर्मा वर्तमान में जांच एजेंसी की पकड़ से दूर हैं।
सीआईडी की जांच के दौरान पिछले साल ही ईडी व आयकर विभाग ने जांच से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। आयकर विभाग को आशंका थी कि दो हजार करोड़ से ज्यादा का स्टेट टैक्स चोरी करने वाली कंपनी ने आयकर रिटर्न जमा करने में भी गड़बड़ी की है।
सीआईडी की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने फर्जी बिलों को आधार बनाकर टैक्स की गलत असेसमेंट की है।