तकनीकी शिक्षा विभाग के करीब 1000 शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों की अक्तूबर में दिवाली हो गई है। इन्हें अनुबंध में लाया जाएगा। इनकी सेवाएं अब तक अस्थायी थी। सात साल और 9600 घंटे का सेवाकाल पूरा करने वाले कर्मचारी अनुबंध में पात्र होंगे। तकनीकी शिक्षा विभाग की यह नोटिफिकेशन प्रदेश के विभिन्न शिक्षण, प्रशिक्षण संस्थानों में पीरियड, लेक्चर और प्रति घंटा के हिसाब से सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात है।
तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन प्रदेश में इंजीनियरिंग कालेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) तथा वोकेशनल इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट सहित करीब 130 शिक्षण संस्थान हैं, जहां एक हजार से अधिक शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी कई वर्षों से अस्थायी रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
अनुबंध के लिए 31 जुलाई 2015 की डेडलाइन तय की
लंबे समय के बाद भी इनके लिए कोई ठोस नीति नहीं बन पाई है। सरकार ने इस वर्ग के कर्मचारियों को अनुबंध नीति में लाकर बड़ी राहत दी है। विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2014-15 की समाप्ति को आधार मानते हुए अनुबंध के लिए 31 जुलाई 2015 की डेडलाइन निर्धारित की है।
इस निर्धारित समयावधि में सात साल का सेवाकाल या 9600 घंटे सेवाकाल पूरा करने वाले ही अनुबंध के दायरे में आएंगे। तकनीकी शिक्षा अंडर सेक्रेटरी लक्ष्मीनंद कश्यप ने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग ने सात साल एवं 9600 घंटे का सेवाकाल पूरे करने वाले शिक्षक एवं गैर शिक्षक स्टाफ को अनुबंध में लाने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दी है।
भर्ती पर रहेगी अब रोक, सरकार से लेनी होगी मंजूरी
इसके साथ ही विभाग ने सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों के प्रभारियों को 31 जुलाई 2015 के बाद स्टूडेंट वेलफेयर फंड और इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट कमेटी तथा अन्य किसी स्कीम के तहत शिक्षण संस्थानों में भर्ती पर पाबंदी लगाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
विभाग ने अपने निर्देशों में कहा कि इस तरह के स्टाफ की नियुक्ति से पहले प्रदेश सरकार से मंजूरी लेना आवश्यक होगा। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।