पुलिस विभाग ने शुक्रवार को डीजीपी डिस्क अवार्ड के लिए चयनित अधिकारियों और कर्मचारियों के नामों की सूची जारी की है। लेकिन इसमें प्रदेश के सबसे बड़े पुलिस कांस्टेबल भर्ती के फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाली सीआईडी टीम के एक भी सदस्य का नाम शामिल नहीं है। इससे पुलिस विभाग का यह डीजीपी डिस्क अवार्ड संदेह के घेरे में आ गया है।
हालांकि जिला स्तर से सीआईडी टीम का नाम डीजीपी डिस्क अवार्ड के लिए भेजा गया था, लेकिन किस जांच कमेटी ने सीआईडी टीम के नाम को बाहर किया, यह अपने आप में प्रश्न हैं। उधर, इस बारे में डीजीपी सीताराम मरडी ने कहा कि जिला स्तर से नाम आते हैं, जिसकी जांच कमेटी स्क्रीनिंग करती है। पहले रेंज स्तर पर जांच होती है, उसके बाद मुख्यालय में कमेटी जांच करती है।
सीआईडी टीम का नाम नीचे से आया था या नहीं, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इधर, डीएसपी सीआईडी धर्मशाला वीर बहादुर ने कहा कि फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाली टीम के नाम डीजीपी अवार्ड के लिए भेजे गए थे। वहीं, डीआईजी संतोष पटियाल ने कहा कि सीआईडी विंग अलग हैं, उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।
पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के फर्जीवाड़े का खुलासा कांगड़ा जिला के सत्संग भवन परौर परीक्षा केंद्र में सीआईडी धर्मशाला की टीम ने किया था। उसके बाद भर्ती परीक्षा रद्द होकर दोबारा हुई थी। इस फर्जीवाड़े में प्रदेश सहित दूसरे राज्यों से आए 33 सॉल्बरों व परीक्षा देने वालों को पकड़ा गया था। वर्ष 2019 में पुलिस भर्ती के फर्जीवाड़े खुलासा किया गया था। इसके बाद पूर्व में हुई भर्तियां के फर्जीवाड़ों को भी जांच में खुलासा किया गया था।