कोरोना महामारी के बीच चंबा के उपायुक्त ने आम लोगों के लिए अपने कार्यालय के गेट बंद कर दिए हैं। फरियाद लेकर आने वाले लोगों को गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मचारी के हाथ में ही अर्जियां देनी पड़ रही हैं। सुरक्षा कर्मी भी अरजी के साथ लोगों के फोन नंबर लेकर उन्हें वापस लौटा देता है। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम डीसी कार्यालय के बाहर पहुंची तो देखा कि गेट के बाहर कई लोग पेड़ों की छांव में अलग-अलग जगह बैठे हैं। बातचीत में कई लोगों ने डीसी कार्यालय के दरवाजे बंद होने की वजह से पेश आ रही दिक्कतों को गिनाना शुरू कर दिया।
जावेद बोले - दो महीने से होटल में रह रहा हूं, घर से पैसे मंगवाकर चल रहा गुजारा
उत्तरप्रदेश के जावेद अहमद ने बताया कि वह दो महीने से जिला प्रशासन से घर जाने की अनुमति मांगने आ रहे हैं लेकिन उनकी फरियाद कोई नहीं सुन रहा। वह 20 मार्च को दिल्ली से एचपीटीसीएल में फर्नीचर का कार्य करने के लिए होली आए थे। घर जाना था तो पूरे देश में लॉकडाउन हो गया।
इस कारण यहीं फंस गए। चंबा में एक होटल में कमरा किराये पर लेकर रहने लगे। दो महीने से रोजाना तीन सौ रुपये किराया दे रहे हैं। पैसे खत्म हो गए तो घर से मंगवाने पड़ गए। तब से अभी तक जैसे तैसे गुजारा कर रहे हैं। पास के लिए एक बार ऑनलाइन और दो बार ऑफलाइन आवेदन किया, लेकिन अभी तक घर जाने की अनुमति नहीं मिली है।
फुरकान और साकिब ने पैदल जाने की अनुमति मांगी, लेकिन गुम हो गया आवेदन पत्र
वहीं, मुजफ्फरनगर के मोहम्मद फुरकान और साकिब भी जिला प्रशासन के नकारात्मक रवैये से तंग आ चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से अपने घर साढ़े पांच सौ किलोमीटर पैदल जाने की अनुमति मांगी है, लेकिन अभी तक निराशा ही हाथ लगी है। अनुमति के लिए दो बार आवेदन कर चुके हैं। आवेदन करने के बाद जब अनुमति मिलने का पता करने पहुंचे तो गेट पर तैनात कर्मचारी ने बताया कि उनका आवेदन पत्र ही गुम हो गया है।
वह दोबारा आवेदन पत्र दें। इस पर दोबारा आवेदन करना पड़ा। उन्होंने उपायुक्त से भी मिलने का प्रयास किया, लेकिन उपायुक्त के आदेशानुसार गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी ने उन्हें अंदर आने से मना कर दिया। ऐसे ही कई और लोग भी हैं, जो किसी न किसी कार्य के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनके आवेदनों को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
कई लोग फंसे हैं चंबा में
इसके अलावा फेरी का काम करने वाले नेपाल के बलिराज साही, कृष्णा थापा, वीरेंद्र वशिष्ठ भी चंबा में फंसे हैं। कारोबार ठप होने पर अब वह फरियाद लेकर डीसी कार्यालय पहुंचे है, लेकिन सुरक्षा कर्मी ने प्रार्थना पत्र लेकर उन्हें फोन पर ही इसकी जानकारी देने की बात कही है।