हिमाचल में सत्ता वापसी के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिमला रैली से चुनावी शंखनाद के बाद प्रदेश में केंद्रीय नेताओं का आना तेजी से बढ़ा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह खुद प्रदेश संगठन के पेच कस चुके हैं। टीम शाह कोई भी जोखिम लेने को तैयार नहीं है। प्रदेश प्रभारी की तैनाती के बाद राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) के दौरे तय किए गए।
केंद्रीय मंत्रियों के जिम्मे मोदी सरकार के सुशासन की छवि को प्रचारित करने है। जून से केंद्रीय नेताओं की प्रदेश में कैंपिंग और बढ़ेगी। भाजपा की प्रदेश लीडरशिप प्रचार के मोर्चे पर अग्रिम पंक्ति में नहीं दिख रही।
मोदी-शाह के दौरे के बाद केंद्रीय नेता लगातार कैंप कर रहे हैं। प्रदेश के कद्दावर नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा लगातार प्रदेश में अपनी मौजूदगी दर्शा रहे हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह 4 जून और भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 11 जून को प्रदेश का दौरा करने जा रहे हैं।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और राधा मोहन सिंह के प्रोग्राम भी मांगे गए हैं। परिवर्तन रथ यात्रा शुरू करने की तैयारी चल रही है, जिसकी लांचिंग में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पहुंच सकते हैं
केंद्रीय मंत्रियों के एजेंडे में मोदी सरकार की उपलब्धियों से वोट बैंक को जोड़ना है। प्रदेश प्रभारी मंगल पांडे तीन दिन का प्रवास कर चुके हैं। प्रचार अभियानों के स्वरूप तय करने पांडे दिल्ली गए हैं।
उनकी वापसी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल के साथ होगी। रामलाल का एक माह में यह दूसरा दौरा है। केंद्रीय संगठन के साथ केंद्र सरकार के सक्रिय होना कांग्रेस की दिक्कतें बढ़ा सकता है।
अभी तक मुकाबला मोदी-शाह बनाम वीरभद्र
भाजपा की केंद्रीय लीडरशिप के मुकाबले में कांग्रेस आलाकमान प्रचार के फ्रंट पर पिछड़ती दिख रही है। कांग्रेस में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के इर्दगिर्द पार्टी प्रचार में जुटी है। मोदी और शाह के दौरों के बाद भी अब तक राहुल गांधी की टीम से कोई नेता प्रदेश में नहीं आया।
सीएम वीरभद्र सिंह अकेले ही प्रदेश भर का दौरा कर चुनावी माहौल गर्माने में जुटे हैं, जबकि केंद्रीय नेता दिल्ली से ही हिमाचल के समीकरण साध रहे हैं। प्रदेश संगठन भी सरकार से अलग थलग दिख रहा है।
प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी के पद छोड़ने की इच्छा जताने को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं, लेकिन उनके बदले जाने पर भी फिलहाल कोई निर्णय नहीं हो सका है। संगठन के लिहाज से केवल आंतरिक चुनाव ही हलचल है, जिसका विधानसभा चुनाव प्रचार से सीधा संबंध नहीं है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू कुछ दिन पहले यह कह चुके हैं कि जून में संगठनात्मक जनपद में होने वाले बूथ स्तर कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं, जिसमें केंद्रीय नेता पहुंचेंगे। हालांकि, अभी किसी का कार्यक्रम पार्टी स्तर से जारी नहीं हुआ है।
पढ़िए प्रचार को लेकर क्या बोले वीरभद्र
बतौर सीएम मेरी भूमिका अधिक है, लेकिन प्रचार के मोर्चे पर पार्टी नहीं पिछड़ रही। रणनीति के तहत मंत्री विधायक अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों में डटे हुए हैं। कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व हिमाचल विधानसभा चुनाव को लेकर बेहद गंभीर है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के जल्द चुनावी दौरे हिमाचल में होंगे। - मुख्यमंत्री, वीरभद्र सिंह