एचपीयू शिक्षा अधिष्ठाता प्रो. सुदर्शना राणा ने माना कि इस बार टीचिंग सब्जेक्ट कांबिनेशन की शर्त को अनिवार्य किया गया है। यह शर्त आर्डिनेंस में शामिल कर दी गई है।
विषय सही है या नहीं यह देखने की संबंधित कॉलेज की जिम्मेदारी रहेगी। इस संबंध में प्रोस्पेक्टस में विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी, जिसमें सब्जेक्ट कांबिनेशन भी रहेंगे।
पूर्व कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के कार्यकाल में बीएड के संकाय में टीचिंग सब्जेक्ट कांबिनेशन की छूट दे दी गई थी। इससे विशेष तौर पर रूसा के तहत यूजी कोर्स करने वाले छात्रों को पेश आई दिक्कतों को ध्यान में रखा गया था।
इस शर्त के मुताबिक हर संकाय में छात्र को दो टीचिंग सब्जेक्ट चुनने होंगे। जिसमें मेडिकल में प्रशिक्षु को लाइफ साइंस और एक अन्य फिजिकल साइंस सब्जेक्ट में च्वाइस बतानी होगी। नॉन मेडिकल मैथ के साथ एक फिजिकल साइंस का विषय।
आर्ट्स में एक लेंग्वेज (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत) के अलावा एक अन्य विषय चुनना होगा। इसी तरह से कामर्स में भी दो विषय चुनने होंगे। टीचिंग सब्जेक्ट च्वाइस के विषय प्रशिक्षु ने यूजी में तीन साल या पीजी में दो साल पढ़े होने चाहिए।