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ऑनलाइन पढ़ाई से छूट रहे बच्चों के घर जाकर नोट्स देंगे अध्यापक

Sat, 18 Jul 2020 07:51 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला
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ऑनलाइन पढ़ाई से छूट रहे बच्चों को अब उनके घर में शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रिंसिपलों को ऐसे बच्चों की तलाश करने को कहा है, जिनके पास व्हाट्सएप ग्रुपों से जुड़ने को मोबाइल फोन नहीं हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि ऐसे बच्चों को घर जाकर नोट्स दिए जाएंगे। प्रिंसिपलों को इस कार्य के लिए जरूरत के हिसाब से शिक्षकों को स्कूलों में बुलाने के आदेश दिए हैं। शनिवार को प्रदेश विश्वविद्यालय के मानव संसाधन केंद्र की ओर से शिक्षा के बदले स्वरूप को लेकर आयोजित वेबिनार के बाद शिक्षा मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोरोना से सबसे ज्यादा नुकसान शिक्षा व्यवस्था को हुआ है। शिक्षा क्षेत्र को खोलना अभी आसान नहीं है। ऐसे में सरकार ने ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा दिया है। छोटे बच्चों को कॉपी-पेन और ब्लैक बोर्ड से ही अभी तक परीक्षा दी जाती रही है। अब इसमें बदलाव करना पड़ा है।

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प्रदेश में नौ अप्रैल से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई है। व्हाट्सएप ग्रुपों, दूरदर्शन से पढ़ाई करवाई जा रही है। सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई करवाने में मोबाइल फोन के अभाव और इंटरनेट कनेक्टिविटी से कई समस्याएं आई हैं। ऐसे में ऑनलाइन पढ़ाई से छूट रहे बच्चों को घरों पर नोट़्स देने का फैसला भी लिया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सीनियर सेकेंडरी में 72 फीसदी और प्राइमरी में 62 फीसदी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में सभी स्कूल-कॉलेज मार्च से बंद हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा है। राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी, उच्च शिक्षा समिति प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. सुनील गुप्ता, एचपीयू के कुलपति डॉ. सिकंदर कुमार, मानव संसाधन विकास केंद्र के निदेशक डॉ. डीडी शर्मा ने भी विचार रखे।

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