ऑनलाइन पढ़ाई से छूट रहे बच्चों को अब उनके घर में शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रिंसिपलों को ऐसे बच्चों की तलाश करने को कहा है, जिनके पास व्हाट्सएप ग्रुपों से जुड़ने को मोबाइल फोन नहीं हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि ऐसे बच्चों को घर जाकर नोट्स दिए जाएंगे। प्रिंसिपलों को इस कार्य के लिए जरूरत के हिसाब से शिक्षकों को स्कूलों में बुलाने के आदेश दिए हैं। शनिवार को प्रदेश विश्वविद्यालय के मानव संसाधन केंद्र की ओर से शिक्षा के बदले स्वरूप को लेकर आयोजित वेबिनार के बाद शिक्षा मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोरोना से सबसे ज्यादा नुकसान शिक्षा व्यवस्था को हुआ है। शिक्षा क्षेत्र को खोलना अभी आसान नहीं है। ऐसे में सरकार ने ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा दिया है। छोटे बच्चों को कॉपी-पेन और ब्लैक बोर्ड से ही अभी तक परीक्षा दी जाती रही है। अब इसमें बदलाव करना पड़ा है।