शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने पदोन्नति रोक हटाने सहित लंबित मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय के बाहर 24 घंटे का अनशन शुरू किया। संघ ने ईसी बैठक का विरोध और काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी है।
ईसी बैठक का आज करेंगे विरोध, मांगें पूरी न करवाने पर पदाधिकारियों को दिखाएंगे कालेज झंडे
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सीएएस के तहत पदोन्नति पर लगी रोक हटाने की मांग अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के शिक्षक कल्याण संघ (हपुटवा) ने शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के बाहर शुक्रवार से 24 घंटे का अनशन शुरू किया।
एक बजे वीसी कार्यालय के बाहर जमा हुए शिक्षक संघ के सदस्यों और पदाधिकारियों ने अपनी सीएएस के तहत पदोन्नति पर लगी रोक को हटाने की मांग की। इसके बाद धरना और अनशन शुरू किया। शिक्षक संघ हपुटवा के अध्यक्ष प्रो. नीतिन व्यास ने कहा कि संघ की मुख्य मांगों में कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत कॉलेज और सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों की पदोन्नति पर वर्ष 2022 से लगाई रोक हटाने और इसको लेकर जारी अधिसूचना वापस लेने की मांग की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय, वानिकी विश्वविद्यालय और कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के प्राध्यापकों की चार वर्षों से प्रमोशन नहीं की जा रही है। इससे विश्वविद्यालय की रैंकिंग भी प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही हपुटवा पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय में शिक्षकों के लिए अतिरिक्त आवासीय भवनों का निर्माण करने की मांग भी की। विवि में शिक्षकों की संख्या 256 है जबकि आवास 80 हैं।
विवि के पास साधन होने के बावजूद नए भवनों का निर्माण नहीं किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों का डीए जो पिछले लंबे समय से लंबित है उसकी किस्त तुरंत जारी करनी चाहिए। इसके साथ चाइल्ड केयर लीव की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। संघ ने सरकार से मांग की कि प्रदेश के शिक्षकों की मांगों को तुरंत पूरा किया जाए। संघ के अध्यक्ष प्रो. नीतिन व्यास और सचिव अंकुश ने कहा कि अनशन शनिवार को विवि कार्यकारिणी परिषद की बैठक के बाद ही समाप्त होगा। हपुटवा ईसी की बैठक का विरोध भी करेगी और सदस्यों को काले झंडे दिखाएगी।