हिमाचल के सरकारी स्कूलों में नियुक्त करीब एक लाख शिक्षकों के तबादले करने के लिए बनाई गई नई नीति को लागू करने की राह आसान हो गई है। बीते ढाई साल से फाइलों में जूझ रहे इस प्रस्ताव की मंत्रिमंडल ने सराहना की है। छुट्टी के दिन मुख्यमंत्री सहित सभी कैबिनेट मंत्रियों को शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर से तबादलों के हर पहलु से अवगत कराया। अनुबंध शिक्षक तीन साल बाद नियमित होने पर ही इस नीति के दायरे में आएंगे
मुख्यमंत्री को बीते दिनों विभागीय अधिकारियों ने इसकी प्रस्तुति दी थी। मुख्यमंत्री ने सभी कैबिनेट मंत्रियों को भी इससे अवगत करवाने को कहा था। शनिवार शाम को शिक्षा विभाग ने नई नीति को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दौरान मंत्री राजीव सैजल के अलावा सभी मंत्री मौजूद रहे, जिन्होंने इसे खूब सराहा। नीति को और बेहतर बनाने के लिए मंत्रियों ने कुछ सुझाव भी दिए। सुझावों को नीति में शामिल करने के बाद जल्द कैबिनेट के समक्ष इसका फाइनल ट्रायल होगा।
संभावित है कि आगामी दो माह में हिमाचल भी शिक्षकों के सॉफ्टवेयर से तबादले करने वाला राज्य बन जाएगा। बता दें कि सॉफ्टवेयर बनाने का काम एनआईसी को दिया है। शिक्षकों का रिकॉर्ड, प्रदेश और जिला कैडर के हिसाब से अपडेट करने का कार्य अंतिम चरण में है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि नई तबादला नीति को अंतिम रूप देकर आम जनता से भी सुझाव लेंगे। इसके बाद ही सरकार इस पर फैसला लेगी। शिक्षकों को शैक्षणिक सत्र के बीच सेवानिवृत्ति नहीं करने को लेकर भी इसी तबादला नीति के साथ फैसला लिया जाएगा।