बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकने के विरोध में पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राजकीय अध्यापक संघ काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध जताएगा।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से इस विरोध में शामिल होने की अपील की है। संघ ने विरोध से अवगत करवाने के लिए शिक्षा सचिव सहित दोनों शिक्षा निदेशकों को ई मेल भेजकर सूचित किया है।
17 अप्रैल और पहली मई को शिक्षा सचिव और शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठकों में रखी गई मांगों के अभी तक पूरा नहीं होने पर राजकीय अध्यापक संघ ने शिक्षक दिवस पर सांकेतिक विरोध जताने का फैसला लिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया कि 48 सूत्रीय मांगपत्र पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है।
शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव ने मांगों को लेकर अपनी सहमति जताई थी। इसके बावजूद बात आगे नहीं बढ़ी। उन्होंने कहा कि संघ 38 शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकने के फैसले को गलत मानता है।
वीरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना को दोबारा शुरू करने, 4-9-14 टाइम स्केल को मूल रूप से लागू करने, राजकीय अध्यापक संघ के साथ जेसीसी बैठक करने, पीजीटी को प्रवक्ता पदनाम देने, प्रधानाचार्य पदों पर नियमित पदोन्नति देने सहित कई अन्य मांगों को शिक्षा मंत्री से अवगत कराया था।
लेकिन अभी तक इसको लेकर अधिसूचना जारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर दो महीनों के भीतर मांगों को लेकर अधिसूचना जारी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे।