एचपी बोर्ड का पाठ्यक्रम पढ़ाने वाले शिक्षक ही दे रहे शिक्षा
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डेढ़ माह से सीबीएसई में शुरू हो चुकी है पढ़ाई संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले में ग्रीष्मकालीन सत्र में चलने वाले सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई एचपी बोर्ड के तहत तैनात शिक्षक ही करवा रहे हैं। शीतकालीन स्कूलों में नया सत्र शुरू हुए डेढ़ महीने का समय बीत गया है लेकिन प्रदेश सरकार अभी तक सीबीएसई बोर्ड के तहत शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर पाई है।
इसके चलते विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को पढ़ाई प्रभावित होने का डर सता रहा है। जिले में ग्रीष्मकालीन स्कूलों में फरवरी माह से नया सत्र शुरू हो चुका है। प्रदेश सरकार ने शिमला जिले के 22 स्कूलों को सीबीएसई बनाया है। इनमें ज्यादातर ग्रीष्मकालीन स्कूल हैं। इन स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। इसमें पहले से तैनात शिक्षक ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सत्र शुरू हुए डेढ़ माह का समय बीत गया है। स्कूलों में न तो सीबीएसई बोर्ड की किताबें पहुंच पाई हैं और न ही शिक्षक तैनात हो पाए हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकार का फैसला अच्छा है लेकिन सरकार समय पर स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियां करें ताकि बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से चल सकें।
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स्कूलों में कब तक नियमित शिक्षक मिलेंगे इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अभिभावकों ने कहा कि अभी छोटी कक्षाएं ही चल रही हैं। अप्रैल से बड़ी कक्षाओं की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। नियमित शिक्षकों के अभाव के कारण पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। शिक्षा विभाग का दावा है कि स्कूलों में पढ़ाई चल रही है। सभी स्कूलों में उच्च शिक्षित शिक्षक तैनात हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कोट
शिक्षकों की जल्द की जाएगी तैनाती
सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई चल रही है। अभी उन स्कूलों में पहले से तैनात शिक्षक ही पढ़ाई करवा रहे हैं। स्कूलों में उच्च शिक्षित शिक्षक तैनात हैं। इसके लिए परीक्षा आयोजित करवाई जा रही है। शिक्षकों के स्टेशन फाइनल करवाने के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा होने और उसका रिजल्ट आने के बाद सरकार के निर्देशों के अनुसार मेरिट के आधार पर चयनित शिक्षकों को स्टेशन दिए जाएंगे।
-लेखराज भारद्वाज, उप निदेशक उच्च शिक्षा शिमला