हिमाचल में हजारों शिक्षकों की वेतन कटौती करने पर हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ भड़क गया है। संघ ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है।
शिक्षक संघ ने आगामी चुनावों पर इस फैसले का बुरा प्रभाव पड़ने की बात कहते हुए सरकार को छह अगस्त तक शिक्षा और वित्त विभाग द्वारा जारी की गई अधिसूचनाओं को रद्द करने की मांग की है। ऐसा न होने पर सात अगस्त को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में आगामी रणनीति बनाने की घोषणा की है।
राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान, प्रेस सचिव कैलाश ठाकुर, महासचिव संजय कपूर, वित्त सचिव अरुण गुलेरिया, अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महासंघ के उपाध्यक्ष और कांगड़ा जिला अध्यक्ष सरोज मेहता, संरक्षक अजित चौहान, केपी शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष दलेर जंबाल ने शिक्षा निदेशालय के वेतन कटौती और रिकवरी करने के आदेशों का विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशालय के यह आदेश संशोधित वेतन नियम 2009 की प्रकृति और उद्देश्य की अवहेलना कर रहे हैं। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 4-9-14, दो साल के सेवाकाल की शर्त और वर्तमान में रिकवरी के आदेश कर्मचारी विरोधी हैं। संघ ने सरकार से समय पर वित्त विभाग पर लगाम कसने की मांग की है।