सभी शिक्षकों का ध्यान इनरोलमेंट बढ़ाने पर होना चाहिए। बहरहाल, 23 मार्च को होने वाली बैठक पर अब सभी शिक्षकों की नजरें टिकी हैं। उधर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि हर शिक्षक संघ से सिर्फ दो-दो पदाधिकारी बैठक में भाग ले सकेंगे।स्कूलों में होने वाली छुट्टियों के विषय में चर्चा करने के लिए 23 मार्च को उच्च शिक्षा निदेशालय में होने जा रही बैठक में नहीं बुलाए जाने से राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद नाराज है।
संस्कृत शिक्षक परिषद के उपाध्यक्ष जंगछुब नेगी, अमर सेन, महासचिव अमित शर्मा, कोषाध्यक्ष सोहन लाल, संगठन मंत्री योगेश अत्री, प्रवक्ता शांता कुमार, प्रेस सचिव नरेंद्र शैल ने कहा कि जब निदेशक ने सभी शिक्षक संगठनों के अध्यक्षों को बैठक के लिए बुलाया तो संस्कृत शिक्षक परिषद के अध्यक्ष को बैठक में बुलाने से परहेज क्यों किया गया। प्रदेश की संस्कृत शिक्षक परिषद पांच हजार से ज्यादा संस्कृत शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करती है। बैठक में न बुलाया जाना परिषद का अपमान है।