फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अप्रैल की 10 दिन की छुट्टियां कम करने के पक्ष में हैं शिक्षक

Fri, 22 Mar 2019 01:56 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

सरकारी स्कूलों की छुट्टियों को लेकर 23 मार्च को उच्च शिक्षा निदेशालय में बुलाई गई शिक्षक संगठनों की बैठक से पहले सोशल मीडिया में चर्चा का दौर शुरू हो गया है। फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से संगठनों के पदाधिकारियों को शिक्षक सुझाव दे रहे हैं। 

विज्ञापन


ग्रीष्मकालीन स्कूलों में पढ़ाने वाले अधिकांश शिक्षक अप्रैल में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले पहली बार मिलने जा रही दस दिन की छुट्टियां को कम करने के पक्ष में हैं। शिक्षक पांच छुट्टियां बरसात और पांच छुट्टियां सर्दियों में देने की वकालत कर रहे हैं।

कई शिक्षक इस मत से सहमत नहीं हैं। यह शिक्षक नया सत्र शुरू होने से पहले तरोताजा होने का हवाला देते हुए दस दिन की छुट्टियों को बरकरार रखने के समर्थन में हैं।
विज्ञापन


हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ, स्कूल प्रवक्ता संघ, सीएंडवी शिक्षक संघ, हिमाचल शिक्षक महासंघ, प्राथमिक शिक्षक संघ सहित कई अन्य संगठनों से संबंधित शिक्षक फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये पदाधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं।

कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं, जो अप्रैल में दी जाने वाली दस दिन की छुट्टियों को देने के पक्ष में ही नहीं हैं। इनका कहना है कि नए सत्र के पहले दस दिन प्रवेश प्रक्रिया के नजरिये से महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में इस दौरान छुट्टियां नहीं करनी चाहिए।

विज्ञापन

बैठक में न बुलाने पर संस्कृत शिक्षक परिषद नाराज

सभी शिक्षकों का ध्यान इनरोलमेंट बढ़ाने पर होना चाहिए। बहरहाल, 23 मार्च को होने वाली बैठक पर अब सभी शिक्षकों की नजरें टिकी हैं। उधर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि हर शिक्षक संघ से सिर्फ दो-दो पदाधिकारी बैठक में भाग ले सकेंगे।स्कूलों में होने वाली छुट्टियों के विषय में चर्चा करने के लिए 23 मार्च को उच्च शिक्षा निदेशालय में होने जा रही बैठक में नहीं बुलाए जाने से राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद नाराज है।

संस्कृत शिक्षक परिषद के उपाध्यक्ष जंगछुब नेगी, अमर सेन, महासचिव अमित शर्मा, कोषाध्यक्ष सोहन लाल, संगठन मंत्री योगेश अत्री, प्रवक्ता शांता कुमार, प्रेस सचिव नरेंद्र शैल ने कहा कि जब निदेशक ने सभी शिक्षक संगठनों के अध्यक्षों को बैठक के लिए बुलाया तो संस्कृत शिक्षक परिषद के अध्यक्ष को बैठक में बुलाने से परहेज क्यों किया गया। प्रदेश की संस्कृत शिक्षक परिषद पांच हजार से ज्यादा संस्कृत शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करती है। बैठक में न बुलाया जाना परिषद का अपमान है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें