सड़क की बदहाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसका निर्माण सीएंडसी कंपनी ने किया है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता जांच का पूरा जिम्मा सरकारी तंत्र पर था। स्टेट रोड प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर से लेकर लोक निर्माण विभाग के सचिव तक ने कई बार मौके पर दौरे किए। सरकार के कई इंजीनियर भी साइट पर तैनात रहते थे। बावजूद इसके जगह-जगह से सड़क धंसने से सरकारी तंत्र सवालों के घेरे में आ गया है।
अमर उजाला भी उठा चुका है कई सवाल
ठियोग-हाटकोटी सड़क की गुणवत्ता को लेकर अमर उजाला पहले से कई बार मामला उठा चुका है, लेकिन अफसरशाही ने मामले की अनदेखी जारी रखी। इसके बाद हिमपात और बारिश के सामने सड़क की गुणवत्ता के तमाम दावों ने दम तोड़ दिया।
क्या कहते हैं विधायक
सरकार के मुख्य सचेतक एवं जुब्बल कोटखाई के विधायक नरेंद्र बरागटा का कहना है कि सरकार से सड़क निर्माण की जांच का आग्रह पहले ही किया गया है। शीघ्र मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामला दोबारा उठाया जाएगा। इसमें जो भी अफसर व कर्मचारी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।