गर्मियों की छुट्टियों में नवीं कक्षा के बच्चों की एक्सट्रा क्लासिज लगाने का विरोध शुरू हो गया है। शिक्षक संघों का कहना है कि तुगलकी फरमान से शिक्षा विभाग परेशान कर रहा है। पूर्व नियोजित कार्यक्रमों में व्यवधान डाला जा रहा है। शिक्षक संघों ने छुट्टियों के बाद रुटीन में एक्सट्रा क्लास लागू करने की मांग की है।
प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 26 जून से 31 जुलाई तक छुट्टियां पड़ गई है। ऐसे में शिक्षकों को छुट्टियों के दौरान पढ़ाई में कमजोर बच्चों को पढ़ाना रास नहीं आ रहा है। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान, प्रधान प्रेस सचिव कैलाश ठाकुर, महासचिव संजय कपूर, वित्त सचिव अरुण गुलेरिया, संरक्षक अजीत चौहान, सरोज मेहता, महावीर कैंथला, नरेश महाजन, नरोत्तम वर्मा और सुनील वर्मा ने गर्मियों की छुट्टियों के दौरान शिक्षकों को एक्सट्रा क्लासिज लगाने के लिए विवश करने के फैसले का विरोध किया है।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि बच्चों के लर्निंग लेवल में वृद्धि करने के लिए एक्सट्रा क्लास लगाने के फैसले का हम स्वागत करते हैं। लेकिन शिक्षकों को विवश करने के तुगलकी फरमान का विरोध करते हैं। संघ ने सुझाव दिया है कि इस कार्य का दायित्व या तो सेवानिवृत्त अध्यापकों को सौंपा जाए या फिर प्रशिक्षित बेरोजगार शिक्षकों की सेवाएं ली जाएं।