शिक्षक दिवस के मौके पर शिव चंद अपने पारंपरिक परिधानों में मंच पर राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड हासिल करने मंच पर पहुंचे थे। जनजातीय लिबास और उनकी योग्यता देखकर राष्ट्रपति के भी आंसू छलक गए थे।
लेकिन शिक्षक दिवस के इस मौके पर लाहौल स्पीति जिला के एक भी शिक्षक का नाम राष्ट्रीय व राज्य पुरस्कार के लिए चयन नहीं हो पाया है। शिक्षा विभाग लाहौल के मुताबिक जिले से एक भी अध्यापक शर्त को पूरा नहीं कर पाया है।
यही वजह रही कि जिले से कोई भी नाम अवार्ड के लिए आगे नहीं भेजा गया है। शिक्षा उपनिदेशक लाहौल प्रेम नाथ परशीरा ने शिक्षक शिव चंद के कार्यों को सराहा है। उन्होंने घाटी के अध्यापकों को उनके पथ चिन्हों पर चलने का आह्वान किया है।