कोर्ट ने पाया कि एसएमसी भर्तियां न केवल सरकार के अपने निर्णयों के विरुद्ध है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ भी हैं। प्रार्थी कुलदीप कुमार तथा अन्यों द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की ओर से की गई एसएमसी शिक्षकों की भर्तियां गैरकानूनी है।
सरकार अभी फिर से स्टॉप गैप अरेंजमेंट के नाम पर एसएमसी भर्तियां करने जा रही है, वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सरासर अवहेलना है। सरकार ने बीते दिनों ही स्कूलों में रिक्त पदों पर एसएमसी भर्ती के आदेश सभी स्कूलों को जारी किए थे।
सामान्य क्षेत्रों में छह माह और जनजातीय क्षेत्रों में तीन माह से रिक्त पदों पर सरकार ने एसएमसी से शिक्षक भर्ती के आदेश दिए थे। इसके तहत ही बीते दिनों से प्रदेश के विभिन्न स्कूलों से एसएमसी से शिक्षक भर्ती शुरू हुई है।
दिसंबर 2018 में प्रदेश कैबिनेट से एसएमसी भर्ती का फैसला लिया था। जनवरी 2019 में सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी की थी। जुलाई तक इस अधिसूचना पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर निदेशालय ने बीते दिनों ही भर्ती शुरू करने को लेकर दोबारा से अधिसूचना जारी की थी।