ट्राले का ड्राइवर हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। हादसे के कारण टेंट में रखीं सेब की सैकड़ों पेटियां बरबाद हो गईं। पार्किंग में ढाबा चलाने वाली हादसे की प्रत्यक्षदर्शी डोलमा ने बताया कि मंडी के पीछे कच्चा पहाड़ है, जब शोर हुआ तो लगा पहाड़ से पत्थर गिर गए हैं।
इसके बाद मजदूरों ने पार्किंग से नीचे सड़क की ओर छलांग लगा दी। पल्लेदार मजदूर यूनियन फल मंडी के सचिव भागीरथ ने बताया कि हादसे में एक मजदूर को गंभीर चोटें आई हैं। मजदूर के इलाज का पूरा खर्चा उठाने और उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर शनिवार को हड़ताल की गई।
मंडी समिति और आढ़ती एसोसिएशन के आश्वासन के बाद दोपहर बाद तीन बजे से काम शुरू करवा दिया है। पुलिस ने ट्राले के ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
कृषि उपज विपणन समिति, शिमला एवं किन्नौर के चेयरमैन नरेश शर्मा ने कहा कि हादसे की सूचना के बाद शुक्रवार रात पहले घटना स्थल और बाद में आईजीएमसी जाकर घायलों का हाल जाना।
सुबह मंडी में हड़ताल के चलते काम बंद था, बैठक बुला कर सभी पक्षों से चर्चा कर हड़ताल खत्म करवाई गई। मजदूर के इलाज के लिए आढ़ती एसोसिएशन ने हामी भर दी है। मजदूरों की सभी मांगें प्राथमिकता के आधार पर हल की जाएंगी।