बद्दी के दून विधानसभा क्षेत्र के एक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के अध्यापकों ने एक दर्जन छात्रों की टाइट पैंटे ब्लेड से काट दी। अध्यापकों ने स्कूल में टाईट पैंटें पहन कर न आने की आदेश जारी किए थे।
जानकारी के अनुसार ये छात्र शिक्षकों के बार बार कहने पर भी ये पैंटे पहनकर स्कूल आ रहे थे। वैसे तो ये पैंटे ड्रेस की ही थी लेकिन छात्रों ने इन्हें आजकल के फैशन के हिसाब से सिलवा रखा था।
कई छात्रों ने तो काफी टाइट पैंटे सिलवा रखी थी। इसकी देखादेखी में स्कूल के दूसरे छात्र भी ये फैशन करने लगे थे। उधर, सजा मिलने पर इन छात्रों को कटी हुई पैंटों में ही कक्षांए लगानी पड़ी।
स्कूल टीचर ने किया था इस फैशन से मना
वर्तमान में टाइट पैंट पहनने का प्रचलन चला हुआ है। स्कूली छात्र भी फैशन में पीछे नहीं है। इस स्कूल के छात्र भी पिछले कई दिन से ये पैंटे पहनकर आ रहे थे। इस पर शिक्षकों ने आपत्ति जताई और छात्रों को ये फैशन न करने के निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान जब छात्रों को जमीन पर बैठाया जाता था तो कई छात्रों की पैंटों की सिलाई उधड़ जाती थी। को एजुकेशन स्कूल होने के कारण कई बार पैंट की सिलाई उधड़ने पर छात्र हंसी का पात्र बन जाता था। ऐसे में छात्रों को पेंट की सिलाई कराने के लिए साथ लगते बाजार भेजना पड़ता था।
हर रोज ऐसी घटनाएं हो रही थी जिससे स्कूल का माहौल बिगड़ रहा था। बार-बार मना करने के बावजूद जब छात्र अपनी हरकतों से बाज नहीं आए तो प्रार्थना सभा के दौरान स्कूल के अध्यापकों ने टाईट पेंट पहन कर आए एक दर्जन छात्रों को पेंटों को टांग के पास से सिलाई काट दी। सजा के तौर पर छात्रों को पूरी कक्षाएं उधड़ी हुई पेंट में लगानी पड़ी।
अभिभावकों ने किया विरोध
उधर, अभिभावकों ने अध्यापकों की ओर से की गई कार्रवाई का विरोध कर दिया है। अभिभावकों ने इस कार्रवाई की निंदा की है।
अभिभावकों का कहना है कि अध्यापक बच्चों को बिना वजह के परेशान कर रहे है। पूरी क्लास में ऐसा करना गलत है। साथ ही अब इन छात्रों को मजबूरन नई वर्दी लेनी पड़ेगी। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा बोर्ड का ऐसा कोई फरमान नहीं है जिसमें पैंट के सिलावट को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
दूसरी ओर से स्कूल की प्रधानाचार्य ने बताया कि बच्चों को समझाने के बाद जब कोई असर नहीं पड़ा तो अध्यापकों को ऐसा कदम उठाना पड़ा। इसका बच्चों पर असर हुआ तथा मंगलवार को सभी बच्चे खुली पेंटें पहन कर स्कूल आए।