राजधानी शिमला से सटे मशोबरा ब्लॉक के एक स्कूल में नियुक्त राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त एक शिक्षिका पर स्कूली बच्चे से घर पर काम करवाने का आरोप में जांच शुरू हो गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जमवाल ने एक शिकायत के आधार पर उपनिदेशक शिमला को जांच का जिम्मा सौंप कर रिपोर्ट तलब की है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई शिकायत के मुताबिक शिक्षिका एक बच्चे को रोजाना अपने घर पर ले जाकर घरेलू काम करवाती है। इस बच्चे की कई बार स्कूल में फर्जी हाजिरी लगाई जाती है। किसी स्थानीय व्यक्ति ने मामले की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की है। जिसके आधार पर निदेशालय ने मामले पर जांच बिठाई है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जमवाल ने बताया कि स्कूली बच्चों को घर पर ले जाकर अपने निजी काम करवाना जुर्म है। मामले की विस्तृत जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, बीते कुछ दिनों के भीतर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले दो शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगने से शिक्षा विभाग की कार्य प्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है। कुछ लापरवाह शिक्षकों की वजह से पूरे शिक्षक समाज को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है।