कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी
लंबे समय से कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही थी। ऐसे में नए पदों के सृजन और उपलब्ध स्टाफ के युक्तिकरण से इस समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर की ओर से जारी स्वीकृति के आधार पर यह प्रक्रिया शुरू की गई है। आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई संबद्ध उत्कृष्ट स्कूलों की योजना के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप स्कूलवार और श्रेणीवार शिक्षकों के पदों का पुनर्गठन किया जाएगा। जहां आवश्यकता होगी वहां नए पद सृजित किए जाएंगे, जबकि कुछ स्कूलों में उपलब्ध शिक्षकों का युक्तिकरण कर जरूरत वाले संस्थानों में तैनात किया जाएगा।
शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात पर रहेगा विशेष फोकस
सीबीएसई के मानकों के अनुसार स्कूलों में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात बनाए रखना अनिवार्य है। इसके अलावा प्रत्येक विषय के लिए प्रशिक्षित और योग्य शिक्षक उपलब्ध होना भी जरूरी है। शिक्षा विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, वाणिज्य, कंप्यूटर और अन्य विषयों में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुविधा मिल सकेगी। शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत और सृजित पदों को संबंधित स्थापना अभिलेखों में दर्ज किया जाए। आदेशों का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उप शिक्षा निदेशकों को पूरी प्रक्रिया की निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत और सृजित पदों को संबंधित स्थापना अभिलेखों में दर्ज किया जाए। आदेशों का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उप शिक्षा निदेशकों को पूरी प्रक्रिया की निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।