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यूजीसी पे स्केल की मांग पर शिक्षक संगठनों ने किया प्रदर्शन

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कॉलेज और हिमाचल विवि में बारिश के बीच शिक्षकों ने इकट्ठे होकर की नारेबाजी
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बोले, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। यूजीसी पे स्केल लागू करने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय और कॉलेजों के शिक्षकों ने मंगलवार को भी प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सुबह यूजी की परीक्षाओं में ड्यूटी दी लेकिन साढ़े बारह से डेढ़ बजे तक कॉलेज परिसरों में एक घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया।
राजधानी के संजौली, आरकेएमवी, कोटशेरा सहित पूरे प्रदेशभर के 138 सरकारी और सरकार से ग्रांट प्राप्त कॉलेजों में यह प्रदर्शन हुआ। राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के महासचिव डॉ. रामलाल शर्मा ने कहा कि छात्रों की परीक्षाओं को आंदोलन से दूर रखते हुए सुबह और दोपहर बाद के सत्र के बीच के एक घंटे तक प्रदर्शन किए गए। आगे भी मांग पूरी होने तक यह क्रम जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सक्रिय दोनों शिक्षक संघ पे स्केल की मांग को लेकर एक साथ आंदोलन पर उतरे हैं। शिक्षकों ने मंगलवार से दो दिन के लिए शिक्षण कार्य बंद कर दिया है। विवि के कुछ विभागों को छोड़ कर शिक्षण कार्य से शिक्षकों ने दूरी बनाए रखी।
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शिक्षक संघ हपुटा और हपुटवा ने मिलकर कुलपति कार्यालय के बाहर बारिश में छातों के साथ एकत्र होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने 2016 से लंबित यूजीसी पे स्केल लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में हपुटा के अध्यक्ष श्याम लाल कौशल महासचिव प्रो. आरएल जिंटा, हपुटवा के उपाध्यक्ष प्रो. अरुण सिंह, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. कुलदीप कटोच, शालिनी कश्मिरिया, डॉ. अंजली शर्मा, डॉ. सुनीता कुमारी, डॉ. एसएस कंवर ने कहा कि 25 को भी कक्षाओं का बहिष्कार जारी रहेगा। प्रदेश सरकार के समक्ष बार-बार पे स्केल को लागू करने की मांग उठाई लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
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तो और उग्र करेंगे आंदोलन
हपुटा के अध्यक्ष प्रो. श्याम लाल कौशल और हपुटवा के महासचिव प्रो. जोगिंद्र सकलानी ने कहा कि सरकार ने यूजीसी पे स्केल को लागू नहीं किया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने यदि फैसला न लिया तो 6 जून से शुरू होने वाली विवि की पीजी प्रवेश परीक्षाओं का बहिष्कार शुरू कर देंगे। इससे छात्रों को पेश आने वाली परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
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