विवादित टीसीपी संशोधन विधेयक को मंजूरी देकर राजभवन शिमला ने आम आदमी के बजाय खास लोगों पर मेहरबानी दिखाई है। चुनावी वर्ष में सत्ता पक्ष और विपक्ष के भारी दबाव के बीच राजभवन ने इस विधेयक को आखिर साढे़ चार महीने के सब्र के बाद मंजूरी दे ही डाली।
प्रदेश की अधिकांश पब्लिक अवैध भवनों को वैध बनाने के खिलाफ थी। इस नए कानून के बनने से महज 30 हजार लोगों को ही लाभ होगा। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही ओर से इस विधेयक को मंजूरी दिलाने के लिए राजभवन पर भारी दबाव बना हुआ था।
इस बिल को पारित करने के बाद जिन चंद हजार लोगों को इसका लाभ होगा, उनमें कई प्रभावशाली लोग भी मौजूद हैं। यही लोग इस विधेयक को पारित करने के लिए काफी समय से प्रयासरत थे और प्रदेश के दिग्गज राजनेताओं से भी संपर्क में थे।
इस बिल पास करवाने राजभवन पहुचे थे ये नेता
कांग्रेस और भाजपा नेताओं में चुनावी वर्ष में इसका लाभ लेने की होड़ मची हुई थी। टीसीपी संशोधन बिल को प्रदेश विधानसभा से बगैर शोर-शराबे के पारित करवा तो दिया, मगर हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी और आम लोगों में विरोध के बाद राजभवन ने इसे अपने पास साढे़ चार माह रोके रखा।
इसकी मंजूरी अटकने के बीच खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा और शिमला के स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज तक राजभवन में दस्तक दे चुके थे।
राजभवन ने आखिर इसे मंजूर करने का फैसला ले ही लिया। उधर, इस बारे में प्रतिक्रिया के लिए राज्यपाल आचार्य देवव्रत के कार्यालय में संपर्क किया गया लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।
राज्यपाल ने दिया एक सुझाव
राज्यपाल ने बिल को मंजूरी देने के साथ ही सरकार को एक सुझाव दिया है कि स्ट्रक्चर को लेकर इंजीनियरों का प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही अवैध भवनों को नियमित किया जाए।
टीसीपी संशोधन विधेयक पर कब क्या हुआ...
- 24 अगस्त, 2016 : प्रदेश सरकार ने विधानसभा में टीसीपी संशोधित विधेयक रखा
- 27 अगस्त, 2016 : विधानसभा में इस विधेयक पर चर्चा हुई
- 27, अगस्त, 2016 : टीसीपी संशोधन विधेयक को मंजूरी
- 30 अगस्त, 2016 : हाईकोर्ट ने अवैध भवनों को नियमित करने को गैर कानूनी ठहराया
- 27 अक्तूबर, 2016 : बिल पास करने बारे राजभवन में राज्यपाल से मिले यूडी मंत्री सुधीर शर्मा
- 3 नवंबर, 2016 : अवैध भवनों को नियमित करने की गुहार लगाने राजभवन गए नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल और सुरेश भारद्वाज
- 1 जनवरी, 2017 : राजभवन ने सरकार को पत्र लिखकर टीसीपी संशोधन विधेयक पर 6 आपत्तियां जताई
- 17 जनवरी, 2017 : सरकार के कांगड़ा शीतकालीन प्रवास के दौरान शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने सीएम वीरभद्र सिंह से चर्चा की, जवाब की फाइल राजभवन भेजी
- 24 जनवरी, 2017 को राजभवन ने टीसीपी संशोधन विधेयक को मंजूरी दी