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बैठक में फैसला, हिमाचल के 20 और शहरों में लागू होगा टीसीपी एक्ट

Tue, 23 May 2017 01:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग
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हिमाचल में स्थानीय निकाय के तहत आने वाले 20 और शहरी क्षेत्रों में अब सरकार टीसीपी एक्ट लागू करने जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा, शहरी विकास विभाग के निदेशक डीके गुप्ता और टीसीपी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस पर फैसला ले लिया गया है। कांगड़ा जिले के छह, मंडी, ऊना और शिमला जिले के तीन-तीन शहरों को टीसीपी एक्ट के दायरे में लाने पर फैसला लिया गया है।
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अब इन शहरों के बाशिंदों को भवन निर्माण, जमीन आवंटन, सीवरेज, स्कूल, पानी आदि की सुविधाओं के लिए टीसीपी एक्ट के अनुसार अनुमति लेनी होगी। हिमाचल में 54 शहरी स्थानीय निकाय हैं। शहरी विकास विभाग के 34 निकायों में पहले से ही टीसीपी एक्ट लागू है।

इन शहरों में किसी की सरकारी या निजी निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति टीसीपी एक्ट के तहत दी जाती है। अन्य 20 स्थानीय निकाय क्षेत्रों में टीसीपी एक्ट लागू नहीं था। अभी यहां नगर पंचायत या नगर परिषद अपने स्तर पर बनाए गए नियमों के दायरे में ही काम करते थे। शहरी विकास विभाग के निदेशक डीके गुप्ता ने बताया कि बैठक में सभी निकायों में टीसीपी एक्ट लागू करने पर सहमति बनी है। विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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इन शहरों में लागू होगा टीसीपी एक्ट

शहरों में सुनियोजित विकास के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। शहरी क्षेत्रों में कंस्ट्रक्शन हो रही है। भवन बेतरतीब न बनें, इसके चलते प्रदेश सरकार इन निकायों में एक्ट को लागू करने जा रही है। 

जिला कांगड़ा की नप कांगड़ा, नूरपुर, नगरोटा, देहरा, ज्वालामुखी और नगर पंचायत ज्वाली टीसीपी एक्ट लागू होगा। जिला शिमला की नपं कोटखाई, सुन्नी और जुब्बल, जिला ऊना की नप संतोषगढ़, दौलतपुर और नपं टाहलीवाल, जिला मंडी की नपं सरकाघाट, रिवालसर और करसोग में एक्ट लगेगा।

सोलन की अर्की नपं, सिरमौर की राजगढ़ नपं, बिलासपुर की श्री नयनादेवी नप, चंबा की छवारी नपं और कुल्लू की भोरंज नगर पंचायत टीसीपी एक्ट के अधीन होगी। 
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