कुल्लू। टीबी मुक्त अभियान के तहत इन दिनों जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें संभावित मरीजों की जांच कर रही है। जांच में अब तक टीबी के 12 नए मरीज पाए गए हैं।
टीबी के इन मरीजों का उपचार स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दिया है। 30 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में और भी संभावित मरीजों के सामने आने का अनुमान है। गौर रहे कि एक कदम टीबी मुक्त प्रदेश की ओर अभियान के तहत टीबी मुक्त हिमाचल पखवाड़ा मनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर संभावित टीबी के मरीजों की जांच कर रही है। मनाली, बंजार, कुल्लू व आनी उपमंडल में तैनात टीमें घर-घर जा रही है। अब तक जिले में करीब 200 से अधिक संभावित रोगियों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 12 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद विभाग ने मामले की गंभीरता को समझते तुरंत इनका उपचार भी शुरू कर दिया है। इसके साथ मरीजों की देखभाल और सफाई के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उधर, इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि टीबी उन्नमूलन के लिए चलाए अभियान के तहत अब तक टीबी के 12 नए केस सामने आए हैं। इनका उपचार भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण दिखे तो उसे छुपाएं नहीं, बल्कि टीम को अवश्य बताएं। इससे उसका उपचार समय पर शुरू हो सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से सभी टीबी रोगियों को उपचार अवधि में निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह पोषण सहायता प्रदान की जा रही है।
टीबी के यह हैं लक्षण
1-दो सप्ताह से ज्यादा खांसी हो
2 .शाम के समय बुखार आना
3-खांसते समय बलगम में खून आए
4-छाती में दर्द होना या सांस फूलना
5-गर्दन या बगल में गांठें हों
6-भूख और वजन का कम होना