संजौली में प्रदर्शन के चलते प्रशासन ने दिए थे बच्चों को घर न छोड़ने के निर्देश, अभिभावक खुद लेकर गए
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कई किलोमीटर तक चलना पड़ा पैदल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। संजौली में धरना-प्रदर्शन के चलते सरकारी और निजी स्कूलों के सैकड़ों बच्चों को परेशानियां झेलनी पड़ीं। दोपहर बाद छुट्टी होने के बावजूद इन्हें कई घंटे तक स्कूल में ही रुकना पड़ा।
स्कूलों के अनुसार दोपहर के समय जिला प्रशासन ने निर्देश जारी किए कि प्रदर्शन के बीच बच्चों को घर न भेजा जाए। वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल संजौली में सुबह की शिफ्ट में पढ़ने वाली छठी से दसवीं कक्षा तक के ज्यादातर बच्चों को दोपहर 3:00 बजे के बाद भी स्कूल में ही रुकना पड़ा। इन्हें दोपहर 1:30 बजे छुट्टी होती है लेकिन प्रशासन के निर्देश के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने इनकी सुरक्षा को देखते हुए इन्हें घर नहीं भेजा। इनके अभिभावक जब स्कूल पहुंचे तो बच्चों को छुट्टी दी।
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संजौली चौक के पास बने हैप्पी मॉडल स्कूल में भी बच्चों को अभिभावकों के आने पर ही छोड़ा गया। यहां अन्य स्कूलों में भी बच्चों को अभिभावकों की जिम्मेदारी लेने पर ही छोड़ा गया। कई अभिभावक बच्चों को संजौली चौक से रवाना हुए तो पुलिस ने इन्हें रोक लिया। बार-बार आग्रह करने पर इन्हें जाने की अनुमति मिली।
लोग बोले, इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार
अभिभावक बच्चों को लेकर स्कूलों से घरों के लिए रवाना हुए लेकिन उन्हें कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ा। संजौली बाजार बंद होने से टैक्सी और बस सेवाएं ठप रहीं। संजौली से ढली जाने के लिए बच्चे बाईपास पैदल जाने को मजबूर हुए। लोगों का कहना था कि प्रशासन को प्रदर्शन को देखते हुए इस क्षेत्र के स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी चाहिए थी। प्रशासन की नाकामी ने लोगों और बच्चों को परेशानी में डाला है।
12 बजे छुट्टी, 2:30 बजे पहुंचे घर : बिंदा
सेक्रेड हार्ट स्कूल ढली में पढ़ने वाली पोती को लेने पहुंची संजौली की बिंदा पांडे ने कहा कि प्रदर्शन के कारण परेशानी हुई है। पोती को 12 बजे छुट्टी हो गई थी लेकिन 2:30 बजे घर पहुंचे। पुलिस ने बाजार से नहीं आने दिया। इसलिए दूसरे रास्ते से पैदल आना पड़ा है।
पैदल पहुंचे स्कूल, घर जाने में हुई परेशानी : आशा
संजौली स्कूल में अपनी पोती को लेने आई ढली की आशा शर्मा ने कहा कि उन्हें 1:30 बजे पोती को लेने पहुंचना था लेकिन पैदल चलने के कारण 2:30 बजे पहुंचीं। बाजार में प्रदर्शन चल रहा है, वापस भी पैदल ही जाना होगा। टैक्सी और बसें बंद हैं।
पहली बार इतनी परेशानी : मीरा
ढली क्षेत्र की मीरा ने कहा कि उनका बेटा संजौली स्कूल में नौंवी में पढ़ता है। बाकी दिन बसों से घर जाते हैं लेकिन आज आवाजाही बंद है। पहली बार इतनी परेशानी हुई है। ज्यादातर बच्चे स्कूल में ही रुके हैं।
बच्चों को ले जाने में हो रही परेशानी : सुमन
इंद्रनगर क्षेत्र की रहने वाली सुमन ने कहा कि उनकी बेटी संजौली में आठवीं में पढ़ती है। स्कूल से 1:30 बजे छुट्टी हो गई है, लेकिन चक्का जाम के चलते घर जाना मुश्किल हो रहा है। प्रदर्शन कब खत्म होगा पता नहीं, पुलिस बाजार में नहीं जाने दे रही है।