बताया कि बैठक में मालूम पड़ा कि रोहड़ू में बिना मीटर के कई जगह बिजली सप्लाई हो रही है। बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। रोहड़ू की तरह प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह के मामले पेश आ रहे होंगे। इन्हें पकड़ने को टास्क फोर्स गठित करने का फैसला लिया है।
ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि ट्रांसमिशन लॉस होने से बिजली बोर्ड को सालाना करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में बिजली के तार बहुत लंबी दूरी तक बिछाए गए हैं।
ट्रांसफार्मर कम होने के चलते ट्रांसमिशन लॉस अधिक हो रहा है। राष्ट्रीय विद्युत नियामक आयोग से 14 फीसदी तक ट्रांसमिशन लॉस मंजूर है। प्रदेश में वर्तमान में बिजली का ट्रांसमिशन लॉस 11 फीसदी है।
अन्य राज्यों के मुकाबले यह लॉस हिमाचल में कम है, लेकिन इसे और अधिक कम करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। 15 दिन में सभी मंडल कार्यालयों से ट्रांसमिशन लॉस की जानकारी मांगी है। इसे कम करने के लिए सुझाव भी मांगे हैं।