तारादेवी मंदिर के पास हुए अवैध कटान के मामले में शनिवार शाम को सरकार ने वन विभाग की एक महिला रेंजर को भी सस्पेंड कर दिया। अब तक इस मामले में डिप्टी रेंजर और गार्ड समेत तीन लोगों को सस्पेंड किया जा चुका है। इनके अलावा डीएफओ का तबादला कर दिया है।
35 बीघा निजी वन भूमि से किस उद्देश्य से हरे पेड़ काटे गए। घर-होटल बनाने या फिर किसी और काम के लिए 477 पेड़ों की बलि दी गई, सरकार ने इस पहलू से डीसी शिमला को जांच के आदेश दिए हैं। सरकार इस भूमि पर अब किसी भी सूरत में कोई प्रोजेक्ट पास नहीं होने देगी।
प्रधान सचिव वन एवं पर्यावरण तरुण श्रीधर ने कहा कि अवैध पेड़ कटान का यह बड़ा मामला सामने आया है। मामले में सरकार किसी भी सूरत में नरमी नहीं बरतेगी। डीसी शिमला से रिपोर्ट मांगी गई है कि किस उद्देश्य के लिए मौके पर हरे पेड़ों का अवैध कटान करवाया गया।
उद्देश्य सामने आने के बाद सरकार सख्त कदम उठाएगी। अगर कोई प्रोजेक्ट लाने की तैयारी थी तो उस स्थिति में उस प्रोजेक्ट को कतई पास नहीं होने दिया जाएगा। संबंधित विभागों को लिखित में इसकी सूचना भेजी जाएगी। उधर, वन विभाग से सोमवार तक रिपोर्ट तलब की गई है।
रिपोर्ट में महकमे से यह पता करना है कि प्राथमिक सूचना कब आई। गार्ड की ओर से अपने उच्च अधिकारियों को कब बताया गया। उसके बाद क्या कार्रवाई की गई। अगर कार्रवाई नहीं की गई तो क्यों? इन तमाम सवालों के जवाब सहित रिपोर्ट वन विभाग को सरकार को भेजना है। उस रिपोर्ट के आने के बाद और भी कार्रवाई की जा सकती है।