जमीन के बदले कमाई का आधा हिस्सा देने को रोपवे कार्पोरेशन तैयार, जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की है तैयारी
एमसी ने कमाई से मांगा 50 फीसदी हिस्सा, सदन में पारित है प्रस्तावअशोक चौहान
शिमला। राजधानी में यातायात जाम कम करने और सैलानियों को आकर्षित करने के लिए बनने वाला तारादेवी-शिमला रोपवे अब नगर निगम का खजाना भी भरेगा। रोपवे कार्पोरेशन इस योजना से होने वाली कमाई का 50 फीसदी हिस्सा नगर निगम को देगा। इस प्रस्ताव पर सहमति बन गई है।
ऐसे में अब जल्द ही इस योजना का काम शुरू हो सकता है। योजना के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा जमीन की थी जो अब लगभग दूर हो गई है। केंद्र सरकार से पहले ही इस योजना के लिए वन मंजूरी मिल चुकी है। किसी भी बड़ी योजना का निर्माण शुरू करने के लिए संबंधित विभाग के पास कम से कम 50 फीसदी जमीन उपलब्ध होनी चाहिए। रोपवे कार्पोरेशन का दावा है कि वन मंजूरी मिलने और नगर निगम से एनओसी मिलने के बाद इस योजना के लिए 85 फीसदी से ज्यादा जमीन अब उपलब्ध हो गई है। ऐसे में अब निर्माण का रास्ता साफ है। नए साल से इस योजना पर काम शुरू हो जाएगा। रोपवे निर्माण को लेकर कुछेक जमीन केंद्रीय लोग निर्माण विभाग के अधीन है जिस पर काम करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जल्द ही इसकी मंजूरी भी मिल जाएगी। रोपवे कार्पोरेशन के निदेशक अजय शर्मा ने कहा कि नगर निगम को शेयर देने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि इस योजना का जल्द निर्माण पूरा हो, इसका प्रयास किया जा रहा है।
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1734.70 करोड़ रुपये से होगा निर्माण शहर में 13.79 किलोमीटर लंबी रोपवे लाइन विकसित की जाएगी जो शिमला के प्रमुख स्थलों को आपस में जोड़ेगी। इसमें 14 रोपवे स्टेशन बनेंगे। करीब 1734.70 करोड़ रुपये इसके निर्माण पर खर्च होंगे। इससे न सिर्फ शहर में यातायात जाम कम होगा बल्कि शिमला में प्रदूषण की समस्या भी कम होगी। योजना के लिए 6.1909 हेक्टेयर वन भूमि के उपयोग की केंद्र से सैद्धांतिक मंजूरी मिली है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, निगम होगा मालामाल
रोपवे के बनने से शिमला शहर में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अभी शिमला आने वाले सैलानी यहां जाम में फंसकर परेशान होते हैं। अब हरी भरी वादियों के बीच हवा में सफर आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगा। वहीं नगर निगम को भी करोड़ों रुपये मिलने से शहर में विकास कार्याें में तेजी हाएगी। नए साल से इसका काम शुरू हो सकता है। इस पहले चरण की योजना के लिए रोपवे कार्पोरेशन ने टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। इसमें एक कंपनी को शाॅर्टलिस्ट किया है। इस कंपनी को काम सौंपने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी गई है। कार्पोरेशन का कहना है कि मंजूरी मिलते ही संबंधित कंपनी को निर्माण शुरू करने को कहा जाएगा।