वीरवार को बारालाचा से वायुसेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किए गए लुधियाना के राजकुमार और फरीदाबाद से आए धनंजय कुमार ने कहा कि लेह से आते वक्त उनके पास पानी, मैगी व बिस्कुट के कुछ पैकेट जरूर थे लेकिन छह फुट बर्फ के बीच उनकी जो सेवा टैंकर व ट्रक चालकों ने की, वह इसे उम्र भर नहीं भूलेंगे।
देहरादून के अनिल, विनोद तथा बिट्टू ने कहा कि वे 22 सितंबर से बारालाचा में फंसे रहे। उन्होंने एयरलिफ्ट करने के लिए वायुसेना, प्रशासन और पुलिस का आभार भी जताया है। लुधियाना की अमिता वर्मा ने रोते हुए कहा कि उनका बेटा व बेटी अभी बारालाचा में फंसे हैं।
उन्होंने कहा कि वहां हालात बहुत ही खराब हैं। कुल्लू पहुंचे राजकुमार ने कहा कि उन्हें अपने बेटे-बेटी के साथ अन्य साथियों की चिंता सताने लगी है। बारालाचा में कई पर्यटक वाहन, टैक्सियां, ट्रक और टैंकर फंसे हुए हैं।