प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर मुहैया करवाने के लिए उद्योगों की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को चंडीगढ़ में स्पेशल ट्रेनिंग कोर्स करवाए जाएंगे। गुरुवार को प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा निदेशालय में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि बैठक में कॉलेजों के फाइनल ईयर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बीबीए, बीसीए, एमसीए, पीजीडीसीए और बीएससी करने के साथ-साथ रोजगार प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध करवाने पर चर्चा हुई।
फैसला लिया गया कि कॉलेजों में खोले गए प्लेसमैंट सैल मजबूत किए जाएंगे। विद्यार्थियों की ट्रेनिंग के लिए शेड्यूल तैयार किया जाएगा। उद्योगों के साथ सामंजस्य स्थापित किया जाएगा। उद्योगों की जरूरत के हिसाब से पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को स्पेशल ट्रेनिंग कोर्स करवाए जाएंगे। ट्रेनिंग चंडीगढ़ में करवाई जाएगी। विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर मुहैया करवाने के लिए प्लेसमेंट सैल मजबूत किए जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपलों से तीन दिनों के भीतर विद्यार्थियों को करवाई जाने वाले ट्रेनिंग का शेड्यूल देने के आदेश दिए हैं। बैठक में निदेशालय के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।