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सांस की बीमारी और गर्भवती महिलाओं पर अटैक कर रहा स्वाइन फ्लू का वायरस

Sat, 02 Feb 2019 02:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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किसी अन्य बीमारी से ग्रसित मरीज स्वाइन फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसका खुलासा किया है। अब तक विभाग के पास जो आंकड़ा आया है, उसमें 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग, सांस की बीमारी से ग्रसित और गर्भवती महिलाएं ज्यादा पाई गई हैं। डॉक्टरों का मानना है कि जो मरीज पहले किसी बीमारी से ग्रसित है, उनके भीतर यह वायरस आसानी से प्रवेश कर जाता है।

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सरकार ने आंगनबाड़ी सहायकों को भी गांव में महिलाओं को इस बीमारी की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। स्वाइन फ्लू पर काबू पाने के लिए जिला स्तर पर 12 और ब्लॉक स्तर पर 73 टीमें गठित की हैं। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि स्वाइन पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। 

स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू एच1एन1 के मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। आईजीएमसी, टांडा और केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में स्वाइन फ्लू के टेस्ट किए जा रहे हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वाइन फ्लू की दवाइयां निशुल्क हैं।
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स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों को मुंह और नाक को ढकने की सलाह दी और खांसी तथा नाक बहने की स्थिति में हाथों को साबुन के साथ धोने का परामर्श दिया है ताकि रोग को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने ऐसे रोगियों को आराम करने और भीड़ वाले स्थान पर न जाने की भी सलाह दी।

सूअर से आता है यह वायरस

यह वायरस सूअर से आता है। कई बार व्यक्ति सोचता है कि वह सूअर के नजदीक नहीं गया लेकिन यह वायरस फैल चुका होता है। पीड़ित मरीज 3 दिन तक दवाइयां खाता है और परिवार के सदस्य मरीज के आसपास रहते हैं। ऐसी स्थिति में यह वायरस दूसरे व्यक्ति के शरीर में भी प्रवेश कर चुका होता है।

डॉक्टर से सलाह लेने के बाद लें दवाइयां
डॉक्टरों का मानना है कि बुखार आने की स्थिति में लोग पैरासिटामोल और एंटीबायोटिक दवा न लें। अस्पताल में डॉक्टरों से जांच करवाने के बाद ही पर्ची में लिखी गई दवाइयों का सेवन करें।
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हैदराबाद से लौटते ही सीएम ने स्वाइन फ्लू मामले में अधिकारी किए तलब

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सचिवालय में स्वाइन फ्लू के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। इस अवसर पर मुख्य सचिव वीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सीएम श्रीकांत बाल्दी के अलावा अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बीमारी से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही। बैठक में उन्होंने स्वाइन फ्लू को लेकर अब तक किए गए इंतजाम के बारे में विस्तृत चर्चा की। 

दो दिन के बंगलूरू और हैदराबाद तूफानी दौरे के बाद शुक्रवार को शिमला लौटते ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ताबड़तोड़ बैठकें की। पहले दो घंटे की मंत्रिमंडल की बैठक की। इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य अफसरों से स्वाइन फ्लू के बारे में जानकारी हासिल की। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सीएम को बताया कि स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों को घर घर दवाइयां बांटी जा रही है। जिला और ब्लाक स्तर पर स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीमें गठित की गई है। इसके साथ ही लोगों को लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है।

गांव में पंपलेट बांटे जा रहे हैं। इसमें लोगों को बीमारी के लक्षण, उपचार के बारे में अवगत कराया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बैठक में बताया कि हिमाचल में तीन स्थानों पर स्वाइन फ्लू के टेस्ट हो रहे हैं। इसमें आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा और केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में मरीजों के सैंपल भेजे जा रहे है। एक दिन के भीतर मरीजों की रिपोर्ट आ रही है। बीमारी पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है।
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