महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने का श्रेय शहरवासियों और सफाई कर्मचारियों को जाता है। कहा कि देश के चार हजार से अधिक शहरों में टॉप 150 में जगह बनाना खुशी की बात है। कोशिश रहेगी कि अगली बार हम टॉप 100 शहरों में शामिल हों। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अफसर नीरज मोहन ने कहा कि प्रदेश में हम पहले नंबर पर रहे हैं।
इन शहरों को पछाड़ने में कामयाब रहा शिमला- शिमला शहर अमृतसर (208) और दार्जिलिंग (461) जैसे शहरों को पछाड़ने में भी कामयाब रहा। प्रदेश का कोई भी शहर टॉप 500 शहरों में जगह नहीं बना पाया है। निगम ने शहर को अब खुला शौचमुक्त करने का भी दावा किया है। यदि पहले ऐसा होता तो रैंकिंग में और सुधार हो जाता।