आईजीएमसी में कोरोना वायरस का एक और संदिग्ध मामला सामने आया है। अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार शाम को संदिग्ध मरीज के आने से हड़कंप मच गया है। सांस की समस्या के बाद साथ लगते एक सेना अस्पताल से खुद चिकित्सक उपचार के लिए अस्पताल लाए थे। मरीज की जांच के बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर दिया है। जानकारी के मुताबिक मरीज बीते दिनों ही गुड़गांव से शिमला लौटा है।
सांस की समस्या होने के बाद इलाज के लिए आईजीएमसी लाया गया। दूसरी ओर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सकों को एन 95 मास्क नहीं मिल रहे। शुक्रवार को भी जब चिकित्सक उपचार कर रहे थे तो उन्हें मास्क तक उपलब्ध नहीं करवाए गए। ऐसे में इन चिकित्सकों के बीमारी की जद्द में आने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं अस्पताल में संजौली का रहने वाला जो मरीज दाखिल था, लैब से उसकी रिपोर्ट शुक्रवार को नेगेटिव आई है।
आईजीएमसी में संदिग्ध मरीजों के लिए अलग शौचालय नहीं
हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में भले ई ब्लॉक में आइसोलेशन वार्ड बना दिया हो लेकिन शौचालयों को लेकर अभी संशय बना हुआ है। कॉमन टायलेट होने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा है। नियमों के मुताबिक संदिग्ध मरीजों के लिए अलग से शौचालय का बंदोबस्त होना जरूरी है लेकिन आईजीएमसी में ऐसा नहीं है। किया है। मरीज ने कहा कि शौचालय और हैंडवॉश तक उनके लिए अलग होना चाहिए।