आईजीएमसी शिमला में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के लिए ई-ब्लॉक को आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा। इसमें सैकड़ों मरीजों को एकसाथ रखा जा सकता है। यहां वे तमाम सुविधाएं होंगी, जो कोरोना वायरस पीड़ित मरीज के लिए जरूरी हैं। यहां भर्ती मरीज दूसरे वार्डों में शिफ्ट किए जाएंगे। मनोरोगी बालूगंज स्थित मानसिक रोग निवारण अस्पताल में भेजे जाएंगे। शुक्रवार को कमेटी हाल में कॉलेज प्राचार्य डॉ. मुकुंद लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिए गए। कहा कि मानसिक रोग निवारण अस्पताल के एमएस को भी सूचित कर दिया है। आईजीएमसी में शुक्रवार दोपहर 12 बजे हुई बैठक में विभागाध्यक्ष शामिल हुए।
फैसला लिया कि अस्पताल के मनोरोगी वार्ड में दाखिल मरीजों को बालूगंज के मानसिक रोग निवारण अस्पताल शिफ्ट किया जाएगा और ब्लॉक को आइसोलेशन वार्ड में बदला जाएगा। किसी मरीज में कोरोना के लक्षण पाए जाने पर उसे श्वास रोग ओपीडी में ही अलग से जांच करवाकर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाएगा। श्वास रोग वार्ड के मरीजों को भी दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। बैठक में वरिष्ठ चिकित्सक अधीक्षक डॉ. जनक राज, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल रॉव, केएनएच एमएस डॉ. अंबिका चौहान, श्वास रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मलय सरकार, रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव शर्मा, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह मौजूद रहे।