तिब्बतियों के 60वें विद्रोह दिवस (अपराइजिंग डे) पर सिद्धबाड़ी में एक बौद्ध भिक्षु का शव पेड़ से लटका मिलने से सनसनी मच गई। बौद्ध भिक्षु के हाथ की नसें भी कटी पाई गईं, जिनसे खून बह रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार रविवार को एक ग्रामीण ने तपोवन विधानसभा परिसर के समीप सिद्धबाड़ी में सिद्ध बाबा गोरिया मंदिर के साथ लगते बाग की झाड़ियों में शव को पेड़ से लटके हुए देखा। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव कब्जे में ले लिया।
बौद्ध भिक्षु के पास एक आधार कार्ड सहित कुछ अन्य दस्तावेज मिले हैं। आधार कार्ड के अनुसार बौद्ध भिक्षु की पहचान सोनम तोपदेन (38) पुत्र छेरिंग रिनछेन निवासी दोनीलिंग मानिस्ट्री सहस्त्रधारा रोड, डिक्यलिंग तिब्बतियन बस्ती किरसाली कुल्हन मानसिंह देहरादून (उत्तराखंड) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार बौद्ध भिक्षु जंगल में ध्यान लगाता था। उसके साथियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि सोनम का मन ध्यान में नहीं लगता था। इससे पहले भी वह तीन-चार मठ बदल चुका था और लंबे समय से मानसिक तनाव से ग्रस्त था। पुलिस चौकी योल के प्रभारी एसआई सुरेश कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के कारणों का पता किया जा रहा है।