अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पानी के बिलों को लेकर शहरवासियों की परेशानी जारी है। कई उपभोक्ताओं को अंतिम तारीख से चंद दिन पहले ही बिल पहुंच रहे हैं। इससे लोगों को एकाएक भारी भरकम बिल देना मुश्किल हो रहा है।
पेयजल कंपनी ने दावा किया था कि बिल जारी होने के बाद उपभोक्ताओं को पैसा जमा करवाने के लिए पूरा एक महीने का समय दिया जाएगा। सभी बिल उपभोक्ता को घर पहुंचाने का भी दावा था। लेकिन जैसे जैसे बिल जारी होना शुरू हुए कि दावों की पोल खुल गई। कई उपभोक्ताओं को जहां कंपनी कार्यालय आकर बिल लेने पड़ रहे हैं। वहीं, कई ऐसे भी हैं जिन्हें बिल जमा होने की अंतिम तारीख से महज पांच से सात दिन पहले ही बिल मिल रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिल जमा करने के लिए कम वक्त दिया जा रहा है। कंपनी ने एक तो पांच महीनों का बिल एकसाथ जारी कर दिया। दूसरा बिल जमा करने के लिए कम समय दिया जा रहा है। गरीब परिवारों को इतना बिल कम समय में देना संभव नहीं हो रहा।
लोगों ने उठाए सवाल, अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग
शहर में बिल जमा करने की अंतिम तारीख 15 मार्च तय की है। लेकिन कई उपभोक्ता अब भी ऐसे हैं जिन्हें बिल मिला ही नहीं है। लोगों ने बिल जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाने की भी मांग की है। कई इलाकों से यह भी शिकायतें आ रही हैं कि कंपनी कर्मचारियों ने बिल दुकानों या ढाबों पर छोड़ दिए हैं। इससे कई उपभोक्ताओं के बिल गायब हो गए हैं। कंपनी के एजीएम विजय गुप्ता ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए अंतिम तारीख 15 मार्च तक बढ़ाई है। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए वह वार्डों में स्थित नगर निगम कार्यालयों में ही बिल जमा करवा सकते हैं। हर उपभोक्ता को घरद्वार बिल देना सुनिश्चित किया जा रहा है।