बैठक में सीएम ने कहा कि राज्य सरकार सिक्किम, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर हिमाचल स्काउट बटालियन की स्थापना करने का केंद्र से आग्रह करेगी, जिसमें राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय लोगों के लिए विशेष कोटा होगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की यह मांग लंबे समय से लंबित है। इसके अलावा सीमांत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इनर लाइन पोस्टों को समाप्त करने का मामला भी केंद्र सरकार से उठाया जाएगा, क्योंकि इससे पर्यटकों के लिए परमिट संबंधी बाधा उत्पन्न होती है। सीएम ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तक बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ सहयोग जरूरी है।
रंगरिक में हवाई पट्टी स्थापित करने का आग्रह
सीएम ने स्पीति घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सेना से रंगरिक में एक हवाई पट्टी स्थापित करने के लिए कहा, ताकि यहां बड़े विमान उतर सकें। उन्होंने सांगला, नेसंग, ठंगी आदि में हेलीपोर्ट बनाने के लिए सर्वेक्षण करने का भी आग्रह किया। सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने, सैन्य स्कूल स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करेगी और भारतीय सेना को उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का रखरखाव रक्षा मंत्रालय को करना चाहिए, क्योंकि सड़कें राज्य की जीवन रेखा का कार्य करती हैं। इनमें किआटो-तकलिंग ला-नूरबो समदो, वांगतू-काफनू-मुद-अटरगू, लियो-चांगो, गिउ-पांग, खानादुमती-निथल थाच, हरसिल, ज्योरी-वांगतू से शिपकी दर्रा तक की सड़कें शामिल हैं। लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने कहा कि भारतीय सेना काजा में सभी मौसम के अनुकूल आइस स्केटिंग रिंक और एक इनडोर स्टेडियम बनाएगी।