सरकारी अस्पताल में मरीज को एक्सरे की कीमत 1150 रुपये चुकानी पड़े तो आपको हैरत होगी। आईजीएमसी के डाक्टर आजकल ऐसे कारनामे करने में जुटे हैं।
इमरजेंसी वार्ड से एक मरीज को एक्सरे करवाने के लिए भेजा गया। मरीज की पर्ची देखी तो वह हैरान कर देने वाली थी। इसमें मरीज के 23 एक्सरे करवाने के लिए लिखा था।
यह कोई पहला मामला नहीं है, शाम चार बजे के बाद अस्पताल का कैजुल्टी वार्ड प्रशिक्षु डाक्टरों के हवाले रहता है। विशेषज्ञ डाक्टरों की गैर मौजूदगी में प्रशिक्षु डाक्टर मरीज पर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते।
वह अपने स्तर पर हर तरह से एक्सरे कर तसल्ली करते हैं। लेकिन डाक्टरों की यह तसल्ली मरीजों पर भारी पड़ रही है। यही नहीं एक्सरे ठीक नहीं आया तो मरीज को फिर से भेज दिया जाता है।