लाहौल निवासी लोबजंग दोरजे, नोरबू, ग्यालसन, शांति लाल और सोनम ने बताया कि मंगलवार सुबह पौने चार बजे के आसपास उन्हें लाहौल की वादियों में आवाजें सुनाई देने लगीं।
उनकी नींद टूट गई। उन्हें लगा कि पहाड़ी में हिमखंड जैसे गिरने की आवाज है। बाहर निकल कर देखा तो अंधेरी रात में लड़ाकू विमान को जम्मू-कश्मीर की तरफ उड़ते देखा गया। हालांकि, लोगों ने सोचा कि यह भारतीय वायु सेना का अभ्यास है।
लेकिन, सुबह मीडिया के जरिये उन्हें पता चला कि वायु सेना ने पीओके में चल रहे आतंकी ट्रेनिंग कैंपों में बड़ा हमला किया है। कांगड़ा की घरोह निवासी पुष्पा देवी ने बताया कि विमानों की आवाज से उनकी भी नींद टूट गए।
वे रात को तो समझ नहीं पाए लेकिन, सुबह सेना के हमले की टीवी से सूचना मिली। उधर, एसडीएम लाहौल सुभाष गौतम ने बताया कि मंगलवार सुबह 4.05 बजे उन्हें भी लड़ाकू विमानों के उड़ने की आवाज सुनाई दी।
इधर, कुल्लू में भी वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गर्जना को सुना गया है। राजेंद्र, दलीप, हिम्मत राम, जगदीश, नितेश तथा राज कुमार ने कहा कि उन्हें यह हवाई जहाज की नियमित उड़ान लगी। उन्होंने बताया कि लड़ाकू विमानों की आवाज इतनी तेज थी कि आधी रात को उनकी नींद टूट गई।