कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते ग्राफ के साथ जिला कांगड़ा सूबे में कोरोना हॉटस्पॉट बन गया है। रोजाना एक हजार के अधिक मामले सामने आने के बाद जिला प्रदेश में संक्रमण और मौत के आंकड़ों में सबसे अधिक चल रहा है। पिछले 38 दिनों में जिला कांगड़ा में एक साल के मुकाबले डेढ़ गुना से भी अधिक मामले सामने आए हैं।
कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते ग्राफ के साथ जिला कांगड़ा सूबे में कोरोना हॉटस्पॉट बन गया है। रोजाना एक हजार के अधिक मामले सामने आने के बाद जिला प्रदेश में संक्रमण और मौत के आंकड़ों में सबसे अधिक चल रहा है। पिछले 38 दिनों में जिला कांगड़ा में एक साल के मुकाबले डेढ़ गुना से भी अधिक मामले सामने आए हैं।
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मौत का आंकड़ा भी अधिक है। पिछले 38 दिनों में जिला कांगड़ा में कोरोना संक्रमण के 16035 मामले और 272 मरीजों की मौत दर्ज की गई है। यानी पिछले 38 दिनों में औसतन हर दिन 422 लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं और करीब सात संक्रमित मरीजों की मौत दर्ज की गई है। बढ़ते मामलों के साथ जिला कांगड़ा में टेस्टिंग भी बढ़ा दी गई है।
अब रोजाना जिला में चार हजार के करीब लोगों की कोरोना जांच की जा रही है, जिसमें से एक हजार से अधिक लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई जा रही है। यानी रोजाना टेस्ट करवाने वाले लोगों में करीब 25 फीसदी की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई जा रही है।
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27 फीसदी गिरा रिकवरी रेट
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के साथ जिला कांगड़ा में रिकवरी रेट करीब 27 फीसदी तक कम हो गया है। 31 मार्च तक जिला में रिकवरी रेट 91 फीसदी था। इस समय मृत्यु दर 1.94 फीसदी है।
जिला कांगड़ा इस समय कोरोना संक्रमण के मामलों में प्रदेश में पहले स्थान पर चल रहा है। मौत के आंकड़ों में भी कांगड़ा सबसे आगे है। कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए लोग निर्देशों का पालन करें। वैक्सीनेशन अभियान में भी बढ़-चढ़कर भाग लें। - डॉ. गुरदर्शन गुप्ता, सीएमओ कांगड़ा