इनमें 1816 करोड़ 6 लाख रुपये गैर योजना स्कीमों, 1005 करोड़ 71 लाख रुपये योजनागत स्कीमों और 505 करोड़ 69 लाख रुपये का केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों पर खर्च करने के लिए प्रावधान किया गया है।
गैर योजना व्यय में मुख्य रूप से 392 करोड़ 69 लाख रुपये ऋणों और ब्याज की वापसी, 317 करोड़ 42 लाख रुपये ब्याज के भुगतान, 246.08 लाख रुपये शिक्षा, 177 करोड़ 29 लाख रुपये विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं के प्रचालन और रखरखाव, 96 करोड़ 29 लाख रुपये चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य, 91 करोड़ 18
लाख रुपये एचआरटीसी कर्मचारियों की पेंशन एवं भुगतान, 74 करोड़ 54 लाख रुपये सामाजिक सुरक्षा कल्याण के लिए खर्च करने का प्रबंध किया गया है। योजना स्कीमों के तहत मुख्य रूप से 249 करोड़ 12 लाख रुपये विभिन्न सड़कों, भवनों एवं पुलों के निर्माण, 140 करोड़ 21 लाख रुपये विद्युत विकास, 125
करोड़ 46 लाख माध्यमिक, उच्चतर विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के भवन निर्माण, मिड डे मील, विद्यालय प्रबंधन समिति, अध्यापक-अभिभावक संघ द्वारा नियुक्त कर्मचारियों का वेतन देने, 72 करोड़ 47 लाख रुपये रेलवे और विधायक निधि के लिए खर्च करने की व्यवस्था की गई है।
69 करोड़ 77 लाख रुपये का प्रावधान सिविल अस्पतालों के भवनों के निर्माण के लिए किया गया है। केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में से अधिकतर राशि चालू और नई विकास योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से इस वर्ष प्राप्त धनराशि केे लिए प्रस्तावित है।
122 करोड़ 97 लाख रुपये नाहन, चंबा, हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों के निर्माण, 56 करोड़ 33 लाख रुपये उधार एवं विपणन सहकारी ऋण देने और 40 करोड़ रुपये केंद्रीय सड़क निधि के तहत सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्तावित है।
38 करोड़ 35 लाख रुपये बीपीएल परिवारों को गेहूं और चावल पर उपदान देने, 27 करोड़ रुपये सड़कों, पुलों के निर्माण का खर्च करने, 17 करोड़ 96 लाख रुपये प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, 15 करोड़ रुपये औषध प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा और 13 करोड़ 19 लाख रुपये श्यामाप्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन केे लिए प्रस्तावित है।