लॉकडाउन के चलते बिल माफ का था इंतजार, मोबाइल पर आ गया शुल्क जमा करने का मैसेज
होटल,बार्बर और कपड़े की दुकानें महीनों रही हैं बंद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में होटल, ढाबे, कैंटीन और दुकानें चलाने वाले हजारों कारोबारियों को नगर निगम ने तगड़ा झटका दिया है। इन्हें हजारों रुपये के कूड़ा बिल एकसाथ जारी कर दिए हैं। ज्यादातर कारोबारियों को जनवरी और फरवरी से लेकर मई तक के बिल जारी किए हैं। हजारों रुपये का बिल देखकर कारोबारी परेशान हैं। यह सभी लॉकडाउन अवधि के दौरान का कूड़ा शुल्क माफ होने की उम्मीद लगाए बैठे थे लेकिन इसी बीच नगर निगम की ओर से कूड़ा शुल्क जमा करवाने का मैसेज इनके मोबाइल पर आ गया। कई कारोबारियों ने शिमला व्यापारमंडल और स्थानीय पार्षदों से बिल जारी होने को लेकर बात भी की है।
कारोबारियों का कहना है कि नगर निगम को बिल माफी को लेकर ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। निगम सदन बिल माफी का दावा कर चुका है। इसके बावजूद इकट्ठे बिल जारी किए हैं। कूड़ा बिल का सबसे ज्यादा बोझ होटलों, ढाबों, बार्बर शॉप और कैंटीन आदि चलाने वाले कारोबारियों पर पड़ रहा है जिनका मासिक शुल्क पांच सौ रुपये से अधिक है। लॉकडाउन के दौरान यह सब बंद थे। इनसे कूड़ा भी नहीं उठा है। इसलिए कारोबारी बिल में राहत की मांग कर रहे हैं। निगम प्रशासन भी होटलों समेत उन संस्थानों और दुकानों का बिल कम करने पर विचार कर रहा है जो लॉकडाउन के दौरान बंद थे। लेकिन अभी तक फैसला नहीं लिया है। कारोबारी परेशान हैं कि उन्हें जो बिल जारी हुए हैं, उनका भुगतान करें या नहीं।
राहत के नाम पर निगम देगा यह सुविधा
राहत के नाम पर नगर निगम ने अभी कूड़ा शुल्क में अप्रैल से होने वाली दस फीसदी बढ़ोतरी को लागू नहीं किया है। अप्रैल मई के बिल अभी पुरानी दरों पर ही भेजे हैं। इसके अलावा इन दो महीनों के बिल भुगतान में देरी पर जो पैनल्टी लगनी है, उसे भी निगम ने माफ किया है। हालांकि, जिन कारोबारियों ने फरवरी या मार्च के बिल जमा नहीं किए थे, उन्हें बिल में पेनल्टी के साथ इन महीनों का शुल्क देना होगा।
कारोबारियों को राहत दे निगम : इंद्रजीत
शिमला व्यापारमंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर कारोबारियों की दुकानें बंद थीं। होटल और ढाबे बंद हैं। ऐसे में इनसे बिल वसूलना सही नहीं। बाजार के कारोबारी बिलों से परेशान हैं। नगर निगम यदि बिल माफ नहीं कर सकता है तो बिल कम तो कर ही सकता है।
जल्द लेंगे फैसला : संयुक्त आयुक्त
संयुक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जिनका काम बिल्कुल बंद रहा, उन्हें नगर निगम राहत दे सकता है। इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा।